पटना, 15 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी से गुजरती गंगा नदी में शनिवार की शाम हुई नाव दुर्घटना के बाद रविवार को तीन और शव बरामद किए गए। इस हादसे में मरने वालों की संख्या 24 हो गई। दियारे में आयोजित पतंग उत्सव देखकर लौटे 50 से ज्यादा लोग एक ही नाव पर सवार हो गए, जिस कारण नाव डूब गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया, जांच के आदेश दिए। विपक्ष ने हादसे का दोष सरकार पर मढ़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पतंग उत्सव देखकर लौटे लोगों के अलावा एक अनाधिकृत तौर पर संचालित मनोरंजन पार्क से लौटे लोग भी उसी नाव पर चढ़ गए। क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार हो जाने के कारण नाव डूब गई।
नाव हादसे के बाद शुरू किया गया राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। इस मामले की प्राथमिकी सारण जिले के सोनपुर थाने में दर्ज कर ली गई है।
पटना के जिलधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने रविवार को आईएएनएस को बताया, “शनिवार को हुए नाव हादसे में सोमवार को तीन और शव बरामद किए गए, जिससे इस हादसे में मरने वालों की संख्या 24 तक पहुंच गई। अब किसी और शव के मिलने के आसार नहीं के बराबर हैं, क्योंकि अब कोई अपने परिवार के सदस्यों के लापता होने का दावा करने नहीं आ रहा है।”
उन्होंने बताया कि मृतकों में 15 पुरुष, तीन महिलाएं और छह बच्चे (चार लड़कियां व दो लड़के) शामिल हैं। एक को छोड़कर सभी मृतकों की पहचान कर ली गई है।
इधर, इस हादसे के लेकर एक प्राथमिकी सारण जिले के सोनपुर थाना में दर्ज कर ली गई है। सोनपुर के थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि सोनपुर के अंचल अधिकारी अनुज कुमार के बयान के आधार पर सबलपुर दियारा इलाके में गंगा नदी किनारे अनाधिकृत तौर पर संचालित किए जा रहे मनोरंजन पार्क के संचालक राहुल वर्मा और नौका चालक अजय राय सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सोनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, रविवार सुबह एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में डूबी नाव को बाहर निकाल लिया गया है। शनिवार देर रात तक 21 शवों को नदी से बाहर निकाला गया था।
उल्लेखनीय है कि हर साल की तरह इस बार भी बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा के सबलपुर दियारा क्षेत्र में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया था। पतंग उत्सव खत्म होने के बाद शाम के समय यह हादसा हो गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए जांच के आदेश दिए हैं तथा मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये बतौर सहायता राशि देने की घोषणा की है।
इधर, मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने जहां इस हादसे के लिए सरकार को जिम्मेवार बता रही है, वहीं सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी इस हादसे को प्रशासनिक चूक का नतीजा बता रही है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस हादसे को लेकर सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेवार बताया है। मोदी ने कहा, “जब प्रकाश पर्व और कालचक्र की अच्छी व्यवस्था का पूरा श्रेय नीतीश कुमार खुद ले रहे हैं तो सरकारी अव्यवस्था के कारण हुए इस घटना की जिम्मेवारी क्यों नहीं ले रहे?”
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी ने इस हृदय विदारक घटना के कारण आज होनेवाले गांधी सेतु के पुनर्विकास कार्य का शुभारंभ कार्यक्रम को रद्द कर दिया। क्या नीतीश कुमार भी 21 जनवरी को होने वाले मानव श्रृंखला कार्यक्रम को रद्द करेंगे?”
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकता था। मृतकों के प्रति गहरी संवेदना है। व्यवस्था में लापरवाही की वजह से ही यह हादसा हुआ है और इसीलिए इसके कारणों की जांच होनी चाहिए।”
सत्ताधारी महागठबंधन सरकार में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता भी इस हादसे के पीछे बदइंतजामी को कारण बता रहे हैं। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा, “अगर सरकार ने पतंग उत्सव का आयोजन किया था, तो उसके लिए समुचित तैयारी भी की जानी चाहिए थी। व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए थी, मगर जैसा कि सुन रहे हैं, इस उत्सव के लिए मुकम्मल व्यवस्था ही नहीं की गई थी।”
इस हादसे के मद्देनजर रविवार को होने वाले महात्मा गांधी सेतु पुनर्विकास (पुनर्निमाण) कार्य का शुभारंभ कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
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