नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। प्रौद्योगिकी और बिजनेस मॉडल में अहम बदलाव आने के साथ ही फिल्म निर्माण की प्रक्रिया अब लोकतांत्रिक होती जा रही है, जिसमें रचनात्मकता को भी पर्याप्त अवसर मिल रहे हैं। कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने सोमवार को यहां सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में भारतीय पैनोरमा फिल्म समारोह का उद्घाटन करते हुए ये बात कही।
उन्होंने कहा, “भारतीय पैनोरमा खंड में शामिल फिल्मों का दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि वे अपनी संस्कृति, क्षेत्र एवं भाषा के साथ इन्हें बाकायदा जोड़ सकते हैं। फिल्मों के जरिए कहानी को पेश करने की कला में समय के साथ काफी बदलाव आया है और भारत में अब वास्तविक जीवन की घटनाओं की प्रेरणादायक गाथाओं पर फिल्में बनाने का चलन शुरू हो गया है।”
कर्नल राठौर ने दिग्गज फिल्म अभिनेता दिवंगत ओमपुरी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ओमपुरी एक प्रतिबद्ध फिल्मी हस्ती थे, जिन्होंने अपने ऐसे हर उद्यम में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया, जिससे वे अपने पूरे जीवन काल में जुड़े हुए थे।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में अपर सचिव जयश्री मुखर्जी भी उपस्थित थीं।
इस समारोह का शुभारंभ बोबो खुराइजाम द्वारा निर्देशित वृत्तचित्र फिल्म ‘इमा साबित्री’ और अक्षय सिंह द्वारा निर्देशित हिंदी फीचर फिल्म ‘पिंकी ब्यूटी पार्लर’ से किया गया।
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