मुंबई, 17 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को सनसनीखेज शीना बोरा हत्याकांड में उसकी मां इंद्राणी मुखर्जी और दो सौतेले पिता पीटर मुखर्जी तथा संजीव खन्ना के खिलाफ आरोप तय किए।
तीनों के खिलाफ शीना की हत्या, अपहरण, हत्या के लिए उकसाने, साजिश करने तथा अन्य आरोप तय किए गए हैं। मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व एक्जक्यूटिव 24 वर्षीया शीना की 24 अप्रैल, 2012 को हत्या कर दी गई थी।
तीनों आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि वह मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख एक फरवरी मुकर्रर की है।
मामले के विशेष अभियोजक प्रख्यात वकील उज्जवल निकम ने कहा कि इस मामले में सबसे कम सजा आजीवन कारावास है और सुनवाई का अगला कदम आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को सिद्ध करना होगा।
तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, हत्या के लिए आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण तथा सबूत मिटाने को लेकर आरोप तय किए गए हैं।
खन्ना तथा इंद्राणी पर मिखाइल बोरा की हत्या के प्रयास का अतिरिक्त आरोप तय किया गया है। मिखाइल बोरा इंद्राणी का बेटा और शीना बोरा का भाई है, जिसने दावा किया कि जिस शाम उसकी बहन की हत्या की गई, उसी दिन उसके ड्रिंक में नशे की गोली मिलाकर उसकी जान लेने का भी प्रयास किया गया।
इंद्राणी तथा उनके पूर्व पति खन्ना को अगस्त 2015 में उनके पूर्व ड्राइवर श्यामवर राय के साथ गिरफ्तार किया गया था, जबकि इंद्राणी के मौजूदा पति पीटर मुखर्जी को उसी साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद से ही मुखर्जी दंपति व खन्ना पुलिस तथा सीबीआई की हिरासत में हैं।
आरोप तय करने को लेकर बहस 19 दिसंबर को शुरू हुई थी। सीबीआई ने तर्क दिया कि पीड़िता की हत्या पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी के बेटे से संबंधों को लेकर की गई। राहुल पीटर की पूर्व पत्नी का बेटा है।
सीबीआई की विशेष अदालत से माफी के बदले जून 2016 को राय सरकारी गवाह बन गया।
माना जा रहा है कि बाद में उसने हादसे से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सीबीआई को दीं। सीबीआई ने इस मामले की जांच का जिम्मा 2015 के अंत में मुंबई पुलिस से लिया था।
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