श्री श्री रविशंकर का जल्लीकट्टू को समर्थन

नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने गुरुवार को तमिलनाडु के विवादास्पद जल्लीकट्टू खेल पर लगे प्रतिबंध को हटाने का समर्थन किया।

सर्वोच्च अदालत ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके खिलाफ तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। राज्य सरकार के तरफ से इस पारंपरिक खेल के आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक अध्यादेश लाए जाने की मांग गई है।

हालांकि, प्रधानमंत्री मांग पर चुप्पी साधे हुए हैं। इससे आशंका है कि तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकता है।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर ने एक बयान जारी कर राज्य में इस खेल की वापसी की उम्मीद जताई।

उन्होंने कहा, “मैं तमिलनाडु के लोगों के साथ हूं। मैं उनकी भावनाओं को समझता हूं और पूरा समर्थन देता हूं। यह खेल जानवर के प्रति न तो क्रूरता है और न ही लोगों को चोटिल करता है।”

उन्होंने कहा, “कुंभ मेले में हम कई जिंदगियां खो देते हैं व बहुत से लोग रेल दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। यदि लोग सड़कों पर मारे जाते हैं तो हम वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते। यदि आप इस पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं तो घोड़ों के बारे में आपके क्या विचार हैं, जो घुड़सवारी के लिए पाले जाते हैं। इसे भी क्रूरता कहा जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “प्राचीन खेल को प्रतिबंधित करने के बजाय, (इससे जुड़ी) दुर्घटनाओं व कुछ तत्वों द्वारा इसके दुरुपयोग को कम करने के लिए नियम बनाने चाहिए। हताहतों की संख्या कम करने के लिए सुरक्षा नियमों को लागू किया जा सकता है।”

उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि उनके आंदोलन को असामाजिक तत्व अपने हाथ में लेकर हिंसा न फैला सकें।

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