कोलकाता, 20 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल को लेकर निवेशकों के मन में बनी आशंकित छवि को दूर करने का प्रयास करते हुए शुक्रवार को भारतीय और विदेशी उद्योगपतियों से राज्य में निवेश करने पर ‘दोस्ताना माहौल’ का वादा किया।
कोलकाता, 20 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल को लेकर निवेशकों के मन में बनी आशंकित छवि को दूर करने का प्रयास करते हुए शुक्रवार को भारतीय और विदेशी उद्योगपतियों से राज्य में निवेश करने पर ‘दोस्ताना माहौल’ का वादा किया।
बनर्जी ने बंगाल वैश्विक व्यापार सम्मेलन में कहा, “नोटबंदी के कारण उद्योगों को परेशानी हो रही है। बंगाल आएं और यहां निवेश करें। आपको दोस्ताना माहौल मिलेगा। हम सभी को राहत दे रहे हैं।”
बनर्जी ने निवेशकों को यह याद दिलाते हुए कि पश्चिम बंगाल उत्तरपूर्वी राज्यों और पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान और बांग्लादेश का प्रवेश द्वार था, इसलिए राज्य में उन्हें निवेश करने की भावुक अपील की।
उन्होंने कहा, “कृपया आप हमें सरकार न माने, बल्कि अपने परिवार का सदस्य माने। बंगाल आपका घर है और यही कारण है कि मैं अपने भाइयों और बहनों को बंगाल में निवेश करने का अपील करती हूं।”
बनर्जी ने कहा कि इस सम्मेलन ने अपने आप को मील का पत्थर साबित किया है, “बंगाल देश के विकास का इंजन है। बंगाल निवेश का गंतव्य और प्रवेश द्वार बन गया है।”
राज्य में व्यापार अवसरों को पेश करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में जमीन बैंक, जमीन उपयोग नीति, कुशल श्रमिक, हवाई, रेल और सड़क कनेक्टिविटी है और कई क्षेत्रों के लिए नीति है, साथ ही जरूरत से ज्यादा बिजली भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कर संग्रहण में 103 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, योजनागत खर्च में 212 फीसदी और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 123 फीसदी की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च में 616 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है और राज्य राष्ट्रीय औसत के मुकाबले डेढ़ गुणा तेजी से विकास कर रहा है।
उन्होंने कहा, “कामबंदी के दिन बीत गए हैं। पांच साल पहले वामपंथी शासन (जिन्होंने 1977 से 2011 के बीच बंगाल पर शासन किया) के दौरान करीब 78 लाख कार्यदिवस का नुकसान हुआ था। हम किसी प्रकार के हड़ताल और नाकाबंदी की अनुमति नहीं देते, अगर कोई समस्या होती है तो हम उसे 24 घंटे के अंदर सुलझा देते हैं।”
उन्होंने कहा, “हमारी औद्योगिक क्षेत्र की विकास दर 10.5 फीसदी है जबकि राष्ट्रीय औसत 7.3 फीसदी का है।”
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