नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार करघों की खरीद के लिए तंगलिया बुनकरों को सहायता प्रदान करेगी, और करघों की कुल कीमत की 90 प्रतिशत राशि सरकार सहायता के रूप में देगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में तंगलिया बुनकरों के साथ बातचीत के दौरान यह घोषणा की।
ईरानी ने बुनकरों की बातें सुनने के बाद कहा कि तंगलिया बुनकरों का एक विशेष संघ बनाया जाएगा, जो उनके हित के लिए काम करेगा। तंगलिया कढ़ाई की प्रशंसा करते हुए ईरानी ने कहा कि बुनकरों की सामग्री बेचने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंच बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इस संबंध में उचित व्यवस्था की जाए।
मंत्री ने फैशन डिजाइनरों से अपील की कि वे अपने वस्त्रों में तंगलिया कला का इस्तेमाल करें। उन्होंने बुनकरों से कहा कि वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ उठाएं।
ईरानी ने अहमदाबाद में अहमदाबाद वस्त्र उद्योग अनुसंधान संघ (एटीआईआरए) का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे छोटे और मझौले उद्योगों के लाभ के लिए योजना तैयार करें।
तंगलिया गुजरात के 700 वर्ष पुराने मूल बुनकर हैं, जिनकी विशिष्ट तकनीक है, जिसमें वे कच्चे ऊन के रेशों का इस्तेमाल करते हैं।
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