नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए और वक्त दे दिया।
सीबीआई के जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि वे अंतिम रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को भेज भी चुके हैं, लेकिन उनकी मंजूरी मिलने में थोड़ा समय लग सकता है।
इसके बाद विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने सीबीआई को रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया और मामले की सुनवाई तीन फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई को पूरी तैयारी के साथ अंतिम रिपोर्ट पेश न करने पर फटकार लगाई थी।
सीबीआई को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों- चार्टर्ड अकाउंटेंट और सरकारी गवाह बन चुके नई दिल्ली एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सुरेश सिंघल- के बयानों के आधार पर तैयार करनी है।
मामले में जिंदल स्टील और गगन स्पोंज को झारखंड में अमरकोंडा मुर्गाडांगल कोयला ब्लॉक आवंटित करने को चुनौती दी गई है।
उद्योगपतियों के अलावा पूर्व कोयला राज्यमंत्री दासारी नारायण राव, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व कोयला सचिव एच. सी. गुप्ता भी इस मामले में आरोपी हैं।
सीबीआई ने अप्रैल, 2015 में जिंदल, कोड़ा, राव और गुप्ता के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था।
मामले में आरोपी अन्य लोगों में जिंदल रियलिटी के निदेशक राजीव जैन, गगन स्पोंज के निदेशक गिरीश कुमार जुनेजा और आर. के. सराफ तथा सौभाग्य मीडिया के प्रबंध निदेशक के. रामकृष्ण भी हैं।
आरोप-पत्र में नामित पांच कंपनियों में चार कंपनियां दिल्ली की और एक हैदराबाद की है।
आरोपियों ने अपने-अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
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