चेन्नई, 27 जनवरी (आईएएनएस)। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी से भारतीय वाहन ऋणों का पुनर्भुगतान प्रभावित हुआ है और इसे सामान्य स्तर पर पहुंचने में अभी कुछ महीने लगेंगे।
एक बयान में फिच ने कहा, “नोटबंदी से भारतीय वाहन ऋण पुनर्भुगतान पर नकारात्मक असर हुआ है। यह फिच रेटेड प्रतिभूतिकरण लेनदेन की संग्रह रिपोर्ट पर आधारित है।”
फिच ने कहा, “यह संभव है कि 2017 में संग्रह में और कमी आएगी और हमारा मानना है अभी इसे सामान्य होने में कम से कम दो से तीन महीने लगेंगे।”
फिच के मुताबिक छोटे वाहन के लिए ऋण लेने वाले नोटबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
फिच ने कहा कि नकदी की कमी से पुराने वाहन खरीदने वाले ज्यादा प्रभावित हुए हैं, नए वाहन के लिए ऋण लेने वाले कम प्रभावित हुए हैं।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वर्तमान में सभी फिच रेटेड लेनदेन, संग्रहण में 30 फीसदी की गिरावट न्यूनतम आठ महीने के लिए और औसतन 22 महीने के लिए झेलने में सक्षम है।
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