नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छात्रों को दूसरों के बजाए खुद के साथ प्रतिस्पर्धा करने की आदत विकसित करने की सलाह दी।
मोदी ने अपने 28वें मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ में कहा, “अन्य लोगों के साथ प्रतिस्पर्धा ईष्र्या और अहंकार को जन्म देती है, जबकि स्वयं के साथ प्रतिस्पर्धा आत्मनिरीक्षण, प्रोत्साहन और आत्मविश्वास की ओर ले जाती है।”
उन्होंने कहा, “अगर आप किसी और के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो आप खुद को दूसरे की तुलना में बेहतर, खराब या फिर खुद को दूसरे के समान महसूस करते हैं, वहीं जब कोई खुद से प्रतिस्पर्धा करता है तो वह बेहतर होता है और आत्मविश्वास प्राप्त करता है।”
मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “इसलिए मैं आपको दूसरे के बजाय खुद के साथ प्रतिस्पर्धा करने की सलाह देता हूं।”
मोदी ने छात्रों से परीक्षा अंकों के पीछे न भागने और कौशल व ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंक और अंक तालिकाओं का उपयोग सीमित है।
मोदी ने कहा, “अंकों और अंक तालिकाओं का दबाव कभी-कभी हमें सही दिशा में जाने से रोकता है। अगर आप अंकों के पीछे भागेंगे तो आप छोटा रास्ता खोजने की कोशिश करेंगे।”
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