गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने जहां मायावती को ‘राजनीति की संत’ की उपाधि दे डाली, वहीं प्रधानमंत्री मोदी को नेता कम, अभिनेता ज्यादा बताया।
चक्रपाणि ने कहा, “उत्तर प्रदेश में बहन मायावती की पूर्ण बहुमत की सरकार बने, इसके लिए संत महाभा/हिंदू महासभा ने बसपा को संपूर्ण समर्थन देने का ऐलान करती है। सभी जानते हैं बहन मायावती के शासनकाल में प्रदेश अपराधमुक्त रहता है, गुंडे, मवाली जेल में या प्रदेश से पलायन कर जाते हैं। महिलाओं का मान-सम्मान सुरक्षित रहता है। इसका मुख्य कारण बहन मायावती का समाज के प्रति समर्पण है। वो सर्वजन हिताय सर्वजन सर्वजन सुखाय के साथ सभी जातियों के लिए कार्य करती हैं।”
चक्रपाणि महाराज को शायद मायावती के शासनकाल में हुए एनएचआरएम घोटाला याद नहीं है, एक बसपा विधायक के दुष्कर्म मामले में जेल जाना भी याद नहीं है और वह यह भी भूल चुके हैं कि मायाराज में कहीं एक सड़क तक नहीं बनी, लेकिन 50 से ज्यादा पत्थर के हाथी और मायावती की आदमकद मूर्ति जरूर बनी।
चक्रपाणि ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “मोदी का नारा था ‘सबका साथ, सबका विकास’। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में देश के लोगों को अपने अभिनय और लच्छेदार भाषण से जनता को न सिर्फ बेवकूफ बनाया, बल्कि सबका साथ तो ले लिया, लेकिन सबके विकास की जगह नोटबंदी कर सबका विनाश कर दिया। लाखों लोग बेरोजगार हो गए। 150 लोग अकाल मृत्यु को प्राप्त हो गए।”
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