भुवनेश्वर, 9 फरवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने गुरुवार को कहा कि वह दोनों राज्यों के बीच चल रहे महानदी विवाद को पर चर्चा के लिए ओडिशा में हैं, जिसे ‘सत्तारूढ़ बीजद (बीजू जनता दल) सरकार द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।’
बोलांगीर जिले के बुर्दा में एक सभा में मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यहां एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक साथी पड़ोसी के रूप में सत्य बताने के लिए हूं। यह एक पड़ोसी का कर्तव्य है कि गलतफहमी का समाधान करे।”
उन्होंने कहा कि यदि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ‘एक साथ बैठें’ तो विवाद का हल किया जा सकता है।
ओडिशा सरकार के दावे कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों पर बांधों के निर्माण से राज्य का हित प्रभावित होगा। इसके विपरीत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि 82 फीसदी पानी नालियों से समुद्र में चला जाता है।
सिंह ने कहा, “ओडिशा पानी का 13 फीसदी भाग का इस्तेमाल करता है जबकि छत्तीसगढ़ सिर्फ 4 फीसदी पाता है। बाकी पानी समुद्र में चला जाता है। ओडिशा सरकार अपने फायदे व पानी जमा करने के लिए बांध और बैराज बना सकती है।”
इस बीच सत्तारूढ़ बीजू जनता दल ने ओडिशा के संबलपुर और कटक में ‘जल सत्याग्रह’ किया और मुख्यमंत्री रमन सिंह के राज्य के दौरे का विरोध किया।
बीजद के प्रवक्ता शशिभूषण बेहरा ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार ने महानदी पर एकतरफा बैराज का निर्माण किया है, इससे ओडिशा का हित प्रभावित होगा। केंद्र सरकार इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ को निर्माण कार्य तुरंत रोकने का निर्देश देने की बजाय चुप है।”
महानदी पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विवाद लंबे समय से चलता रहा है। छत्तीसगढ़ द्वारा नदी पर बैराज बनाए जाने से ओडिशा में पानी के प्रवाह पर कथित तौर पर प्रभाव पड़ सकता है।
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