अखिलेश ने कहा, “हम जो कहते हैं, वही करते हैं। हमने बिना वोट के बारे में सोचे ही मथुरा में विकास कराया है। एक लाख लोगों को नौकरी दी है। समाजवादी एंबुलेंस चलाई है। हम मथुरा में बंद पड़ी चीनी मिल को जरूर शुरू कराएंगे। सबसे पहले इस मिल को शुरू कर लोगों को रोजगार दिया जाएगा।”
अखिलेश ने कहा, “हमारी सरकार के बारे में विपक्षी पार्टियां दोष देती हैं कि इस सरकार में पानी, बिजली और सड़क की समस्या है। लेकिन, हमने प्रदेश में तमाम विकास कार्य कराए हैं और बहुत सी योजनाएं लागू की हैं।”
उन्होंने कहा, “मथुरा को दूध की नगरी कहा जाता है, इसलिए हम यहां पर डेयरी भी लगवाएंगे।”
भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा, “भाजपा ने तो नोटबंदी के जरिए लोगों को सिर्फ लाइन में लगाया है। भाजपा वालों ने अच्छे दिन के नाम पर लोगों को लाइन में लगा दिया, जबकि हमारी सरकार ने नोटबंदी के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की मदद की। सरकार बनने पर एक लाख नौजवानों की पुलिस में भर्ती की जाएगी।”
उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने हर आदमी के खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने का झांसा दिया था। लोगों के खाते में 15 हजार रुपये तक नहीं पहुंचे। जनता का पैसा भाजपा ने अपने खाते में जमा करा लिया। भाजपा ने ओलावृष्टि के मुआवजे में कोई मदद नहीं की। बगल में (राजस्थान) में इनकी सरकार है, बताइए, इन्होंने क्या किया।”
बसपा का नाम लिए बिना अखिलेश यादव ने कहा, “पत्थर वाली पार्टी भी एक है, जिसने सारा पैसा पत्थर में लगा दिया।”
उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कहा कि तेज रफ्तार साइकिल होने पर नौजवान हाथ भी छोड़ देता है। सोचिए अब हाथ भी साथ आ गया है तो साइकिल की क्या रफ्तार होगी।
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