नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने से मना कर दिया जिसमें अन्नाद्रमुक महासचिव वी. के. शशिकला को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथग्रहण से रोकने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया था।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर, न्यायमूर्ति एन. वी. रमण और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने अर्जी की जल्द सुनवाई के आग्रह को खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ता का कहना था कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला को बरी किए जाने के खिलाफ कर्नाटक सरकार ने याचिका दायर की हुई है। इस पर फैसला आना अभी बाकी है। ऐसे में शशिकला को मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं लेने देनी चाहिए।
कर्नाटक सरकार की इस अपील पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला अगले हफ्ते तक आ सकता है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 11 मई 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता, शशिकला और उनके दो संबंधियों को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ कर्नाटक सरकार ने अपील दायर की हुई है।
अदालत ने कर्नाटक सरकार की याचिका पर 7 जून 2016 को फैसला सुरक्षित रखा था।
उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को बदल दिया था जिसमें जयललिता को चार साल कैद और एक अरब के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
जयललिता के निधन के बाद अन्नाद्रमुक महासचिव चुनी गईं शशिकला को 5 फरवरी को विधायक दल का नेता चुना गया।
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