चेन्नई, 10 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शुद्ध मुनाफे में 134.01 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 2,610 करोड़ रुपये हो गया है। इस मुनाफे में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की हिस्सेदारी बेचने और बुरे (फंसनेवाले) कर्जो को जारी करने में कटौती का बड़ा योगदान है।
कंपनी का शुद्ध लाभ अक्टूबर-दिसंबर 2015 के दौरान 1,115 करोड़ रुपये रहा था।
समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की अन्य आय 1,755 करोड़ रुपये रही, जो बैंक की सहयोगी कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में अपनी 3.9 फीसदी हिस्सेदारी बेचने से मिली रकम है। इसके साथ ही एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में बैंक की हिस्सेदारी 74 फीसदी से घटकर 70.10 फीसदी हो गई।
बैंक ने आकस्मिक प्रावधान के तहत समीक्षाधीन तिमाही में कुल 9,933 करोड़ रुपये रखे, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 8,483 करोड़ रुपये थी। वहीं, बुरे लोन के लिए समीक्षाधीन अवधि में 7,245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 7,645 करोड़ रुपये था।
एसबीआई की अध्यक्ष अरुं धती भट्टाचार्य ने कहा, “गैर निष्पादित परिसंपत्तियां नियंत्रण में हैं। हमने इस साल 40,000 करोड़ रुपये की चूक का अनुमान लगाया था, जोकि हमारे अनुमान के अंदर ही रहा है।”
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण बैंक के चालू खाते, बचत खाते (सीएएसए) और डिजिटल लेनदेन को काफी बढ़ावा मिला है।
बैंक का सीएएसए जमा दिसंबर 2015 में 6,74,303 करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2016 में बढ़कर 9,08,536 करोड़ रुपये हो गया।
भट्टाचार्य ने कहा कि इन खातों से कितने पैसे निकाले गए, इसका पता 13 मार्च के बाद ही लगेगा, जब निकासी पर लगी हर किस्म की सीमा हटा दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में जमा किए गए पैसों के निकासी की संभावना है, क्योंकि वहां नकद कारोबार होता है।”
वहीं, बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) भी दिसंबर तक बढ़कर 1,08,172 करोड़ रुपये हो गई हैं। समीक्षाधीन अवधि में एनपीए में 7.23 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 5.10 फीसदी थी।
बैंक का एनपीए साल 2015 के दिसंबर तक 72,792 करोड़ रुपये था।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल नियामकीय रपट में बैंक ने कहा कि 31 दिसंबर, 2016 को खत्म हुई तिमाही में उसका मुनाफा 2,610 करोड़ रुपये रहा है, जबकि 31 दिसंबर, 2015 को खत्म हुई तिमाही में यह 1,115.34 करोड़ रुपये था।
समीक्षाधीन अवधि में एसबीआई की कुल आय बढ़कर 53,587.51 करोड़ रुपये रही, जबकि 31 दिसंबर 2015 को खत्म तिमाही में यह 46,731.01 करोड़ रुपये थी।
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