भोपाल, 10 फरवरी (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘शून्य बजट प्राकृतिक कृषि’ का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार से शुरू होने जा रहा है। इस शिविर में खेती के विशेषज्ञ और पद्मश्री से सम्मानित सुभाष पालेकर किसानों को इस विशेष खेती के बारे में बताएंगे।
शुक्रवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, शिविर में प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों के 1500 किसान और अधिकारी भाग लेंगे। प्रशिक्षण शिविर का समापन 13 फरवरी को होगा। पर्यावरण प्रदूषण और कीटनाशक दवाओं से कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। तीन-दिवसीय इस शिविर में अलग-अलग सत्र में शून्य बजट खेती के बारे में जानकारी दी जाएगी।
आधिकारिक तौर पर कहा गया है, “शून्य बजट खेती की अवधारणा गाय पर आधारित है। एक देशी गाय से 30 एकड़ में प्राकृतिक खेती की जा सकती है। शून्य आधारित खेती में देशी गाय, देशी केंचुए, बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत (जीवाणुयुक्त सूखा खाद) आदि पद्धति से शून्य बजट की खेती की अवधारणा प्रतिपादित की गई है।”
dharmpath.com dharmpath