पटना में ‘बोधिसत्व फिल्म महोत्सव’ गुरुवार से, 102 फिल्में दिखाई जाएंगी

पटना, 15 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी में गुरुवार से बोधिसत्व अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव-2017 का आयोजन किया जा रहा है। आठ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में 102 फिल्में दिखाई जाएंगी। महोत्सव के चेयरमैन गंगा कुमार का मानना है कि इस महोत्सव के आयोजन से बिहार का सांस्कृतिक गौरव फिर से लौट सकेगा।

गैर सरकारी संगठन ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस महोत्सव में देश-विदेश की कुल 102 फिल्में दिखाई जाएंगी, जिनमें हिंदी के अलावा लघु, वृत्तचित्र समेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में भी शामिल हैं।

गंगा कुमार ने बुधवार को पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बोधिसत्व अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की कल्पना इस तरह से तैयार की गई थी, जिससे बिहार के सांस्कृतिक गौरव को फिर से वापस लौटाया जा सके। 70 के दशक तक बिहार सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जाता था। हाल के दिनों में बिहार में कई सफल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया है। उम्मीद है कि बिहार में ऐसे आयोजनों से बिहार की कला, फिल्म एवं संस्कृति को लोगों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

महोत्सव के सलाहकार परमेंद्र मजुमदार ने इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया इस महोत्सव को भी सफल बनाएगी।

महोत्सव के कार्यकारी निदेशक और जाने माने अभिनेता विनीत कुमार ने कहा कि फिल्मोत्सव का आयोजन केवल मनोरंजन के उद्देश्य से नहीं किया जाता है। ऐसे आयोजन से दर्शकों को अलग-अलग भाषा और संस्कृति के बारे में भी जानने का अवसर मिलता है।”

उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों की सफलता से एक दिन ऐसा जरूर आएगा, जब हमारी फिल्में वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर सकेंगी।”

ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की अध्यक्ष स्नेहा राउत्रे ने कहा कि इस फिल्मोत्सव में 122 देशों की करीब 3500 फिल्मों ने प्रवेश दिया। इनमें भारत के अलावा ईरान, अमेरिका, फ्रांस, इटली, स्पेन, ब्रिटेन, तुर्की, रूस, ब्राजील, जर्मनी, अर्जेटीना, बांग्लादेश, कनाडा, पुर्तगाल, अस्ट्रिया और मैक्सिको समेत कई देशों की फिल्में शामिल हैं। इनमें अंतिम रूप से करीब 102 फिल्मों का चयन किया गया है।

उन्होंने कहा, “सभी फिल्म एक निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत ही चुनी गई है। दर्शकों को महोत्सव के दौरान अच्छी और गुणवत्तापूर्ण फिल्में देखने को मिलेंगी।

महोत्सव के प्रारंभ में दर्शकों को फिल्म ‘पाच्र्ड’ दिखाई जाएगी। ‘पाच्र्ड’ की निदेशक लीना यादव ने कहा, महोत्सव के माध्यम से लोगों को एक साथ अलग-अलग तरह की फिल्में देखने को मिलती हैं और इसके माध्यम से लोगों को दूसरे देश और वहां की कला संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलता है।”

उन्होंने कहा, “मैं बिहार की बहू हूं और पहली बार अपनी फिल्म के साथ फिल्मोत्सव में आई हूं। मुझे जो खुशी मिल रही है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।”

‘पाच्र्ड’ की अभिनेत्री तनिष्ठा चटर्जी कहती हैं, “दुनिया भर से चयनित फिल्मों को उत्सव में दिखाया जाना एक अनूठी शुरुआत है। महाराष्ट्र और देश के अन्य प्रांतों में फिल्मोत्सव आयोजित किए जाते हैं। बिहार में बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव किया जाना अच्छी शुरुआत है। यह एक अनूठा प्रयास है।”

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