अहमद ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से स्पष्ट हो गया कि प्रदेश की समाजवादी सरकार में पुलिस ज्यादती एवं महिला उत्पीड़न के निंदनीय प्रसंग छिपाए गए हैं। जब-जब गायत्री प्रसाद प्रजापति की शिकायतों और कारानामों का कच्चा चिट्ठा सरकार के सामने पेश किया गया। तभी उनको तरक्की दी गई।”
उन्होंने कहा, “सरकार हमेशा उनको संरक्षण देती रही। जब उच्च न्यायालय का आदेश हुआ तब सीबीआई जांच की स्थिति आई और मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त तो किया परंतु तुरंत ही प्रमोशन देकर परिवहन मंत्री बना दिया गया।”
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब चुनाव की बेला है और सरकार की विदाई का समय आ गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को यह सरकार नापसंद है।
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