पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दूबे ने गहमरवासियों से अपील की है, “पुलिस दबिश की कार्रवाई नहीं करेगी। अपराधी खुद पुलिस के समक्ष निर्धारित समय में आत्मसमर्पण कर दें। आठ मार्च तक सभी अपराधियों पर चार्जशीट दाखिल हो जाएगी। जो भी लोग थाने में तोड़फोड़, आगजनी के मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ रासुका गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई होगी।”
उन्होंने कहा कि यह जघन्य अपराधिक घटना है। इसमें कुछ अराजक तत्वों ने राजनैतिक लाभ लेने के लिए साजिशन इस बड़े बवाल को अंजाम दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया, “गिरफ्तार किए गए 17 लोगों में से 15 अभियुक्तों को विभिन्न अपराधिक धाराओं में आरोपित कर जेल भेजा जा रहा है। शेष दो लोगों को साक्ष्य के अभाव में छोड़ दिया गया है। जिन अभियुक्तों को जेल भेजा जा रहा है, उनमें गहमर गांव के सुजीत सिंह, विकास कुमार सिंह, विवेक कुमार सिंह, हरेंद्र सिंह, राम सिंह, मुनेश्वर सिंह उर्फ बाउल, रघुवीर सिंह, पवन सिंह, रोहित सिंह, प्रवीण सिंह, दिलीप भारती, अमित सिंह, चंदन सिंह, बद्रीराम, राजेश कुमार सिंह उर्फ पिंटू शामिल हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिन दो व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में छोड़ा गया है, उनका नाम विवेक सिंह व सुनील सिंह है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हर थाना सीसी टीवी कैमरे से जुड़ा हुआ है, जिससे थाने में हो रही हर गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की है कि अपराधियों को पकड़ने में पुलिस का सहयोग करें, जिससे शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हो सके।
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