बेंगलुरू, 22 फरवरी (आईएएनएस)। एआईएडीएमके की महासचिव वी.के. शशिकला जेल की जिंदगी से परिचित हो गई हैं, लेकिन अपनी उम्र और कमजोर स्वास्थ्य के कारण वह बेहतर सुविधा की उम्मीद करती हैं।
बेंगलुरू, 22 फरवरी (आईएएनएस)। एआईएडीएमके की महासचिव वी.के. शशिकला जेल की जिंदगी से परिचित हो गई हैं, लेकिन अपनी उम्र और कमजोर स्वास्थ्य के कारण वह बेहतर सुविधा की उम्मीद करती हैं।
एआईएडीएमके की कर्नाटक इकाई की सचिव वी. पुगाझेंदी ने आईएएनएस से कहा, “चिनम्मा (शशिकला) ठीक हैं, लेकिन कमजोर हैं। उनका शर्करा स्तर और रक्तचाप सामान्य है। वह जेल की जिंदगी में अपने को ढाल रही हैं। उन्होंने बेहतर सुविधाओं के लिए आवेदन किया है। हम आशा करते हैं कि उन्हें सुविधाएं मिल जाएंगी।”
दो दशक पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में स्थानीय अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद 59 वर्षीय शशिकला को चार साल कारावास की सजा काटने के लिए एक सप्ताह पूर्व शहर के दक्षिणी बाहरी हिस्से में स्थित केंद्रीय कारागार पहुंचना पड़ा।
बेंगलुरू की एक अदालत ने सितंबर 2014 में उन्हें दोषी ठहराया था।
पुगाझेंदी ने सवाल किया, “सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर जेल की सजा काटने के अलावा क्या उनके पास और कोई विकल्प है?”
उन्होंने कहा, “चूंकि शशिकला ने अम्मा जे. जयललिता के साथ उसी जेल में दो वर्ष पहले सितंबर-अक्टूबर 2014 तीन सप्ताह बिताए थे, लिहाजा वह महिला सेल के कठिन हालातों से अभ्यस्त हैं।”
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मोहलत देने से इंकार करने पर शशिकला और उनकी रिश्तेदार एलावारसी व भतीजे वी.के. सुधाकरन को जेल लौटना पड़ा।
पुगाझेंदी ने कहा, “हम आशा करते हैं कि प्रशासन एक चारपाई, गद्दा, टेबल फैन और अटैच्ड बाथरूम जैसी बेहतर सुविधाओं के लिए उनके अनुरोध पर विचार करेगा, ताकि वह चेन्नई केंद्रीय कारागार स्थानांतरित किए जाने तक अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख सकें।”
कर्नाटक के कारागार महानिदेशक एच.एल. सत्यनारायण राव ने स्वीकार किया कि किसी दोषी को किसी दूसरे जेल में स्थानांतरित करने के कानूनी प्रावधान होते हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि जेल अधीक्षक स्वास्थ्य या मानवीय आधार पर इस तरह के किसी अनुरोध पर विचार कर सकते हैं।
राव ने कहा, “दोषी यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत कोई अनुरोध करता है तो हम अपने विशेषाधिकार के आधार पर विचार कर सकते हैं।”
शशिकला के जेल में प्रथम सप्ताह के बारे में पूछने पर राव ने कहा कि उनके लिए नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उनके साथ जेल मेनुअल के अनुसार, अन्य महिला कैदियों के जैसा ही बर्ताव किया जा रहा है।
राव ने कहा, “शशिकला या एलावारसी को कोई भी विशेष सुविधा नहीं दी गई है। दोनों अगल-बगल की कोठरियों में हैं। श्तिेदारों या अतिथियों को सप्ताह में दो बार सुबह 10 से शाम पांच बजे तक मिलने की अनुमति है।”
पुगाझेंदी ने कहा कि शशिकला तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई.पी. पलनीस्वामी और अपने वकीलों से अगले सप्ताह के प्रारंभ में चर्चा करने के बाद चेन्नई के केंद्रीय कारागार स्थानांतरित किए जाने के लिए आवेदन करेंगी।
उन्होंने कहा, “पलनीस्वामी और तीन कैबिनेट मंत्री अगले सप्ताह चिनम्मा से मिलने वाले हैं। उनके वकील भी उनके साथ चेन्नई से आने वाले हैं।”
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