जल, जंगल, जमीन, जन, जानवर और नवविज्ञान की लगी प्रदर्शनी

OLYMPUS DIGITAL CAMERA(अनिल श्रीवास्तव)-झाबुआ– झाबुआ की खुशहाली एवं समृद्धि के लिए शिवगंगा ने 6 आयाम निर्धारित किए है। इन्हीें को लेकर ग्राम समृद्धि मेले का आयोजन 5 मार्च से शुरू हो रहा है। जल, जंगल, जमीन, जन, जानवर एवं नवविज्ञान जैसे आयामो को लेकर प्रदर्शनी एवं झांकीयां बनकर तैयार हो चुकी है। इस मेले में जर्मन के डोम एवं झूले-चकरी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मेले की खास बात यह है कि जिले में पहली बार गैर सरकारी स्तर पर शिवगंगा अभियान द्वारा पहली बार इस तरह की अभिनव पहल कर प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीणजनों में जागृति लाने का प्रयास किया जाएगा। मेले की संपूर्ण तैयारियां पूरी हो चुकी है। ग्रामीण कार्यकर्ता पिछले 10 दिनों से इस कार्य को सफल बनाने में कॉलेज मैदान में जुट गए थे एवं नगरीय शिवगंगा टीम प्रबंधन कार्य में जुटी हुई है।
यह जानकारी देते हुए मेले के मीडिया प्रभारी नीरजसिंह राठौर एवं राजेश मेहता ने बताया कि मेले को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इंदौर से ृमंगवाए जर्मन के डोम एवं सादे डोम में 6 आयामों पर प्रदर्शनी लगाई जा रहीं है। जल, जंगल, जमीन, जन, जानवर एवं नवविज्ञान पर झांकी एवं प्रदर्शनी के प्रभारी बनाए गए है, जो मेले में आने वाले ग्रामीण लोगों को जनजागृति का पाठ पढ़ाएंगे। जल की प्रदर्शनी के प्रभारी सवजीभाई बनाए गए है। जिसमें गांव का पानी गांव में कैसे रोका जाए, ऐसी 12 प्रकार की जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। जल को सहेजने के 9 प्रकार की भावनाओं का इसमें समावेश किया गया है। धार्मिक महत्व से लेकर शिवगंगा द्वारा वर्ष की जा रहीं गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। जंगल की प्रदर्शनी का प्रभारी फीकाभाई को बनाया गया है। 20 अन्य कार्यकर्ताओं ने मिलकर इस प्रदर्शनी को अंतिम रूप दिया है। जिले में जंगलों की स्थिति के बारे में प्रदर्शनी में विस्तृत बाते बताई गई है। जमीन का प्रभारी सुरेश चौड़ावदिया को बनाया गया है। पूर्व के वर्षों में झाबुआ जिले की जमीन कैसी थी एवं यदि हम सच्ची लग्न से गांव की समृद्धि में अपना योगदान दे, तो भविष्य में झाबुआ की जमीन कैसी होगी, इस बात को दर्शाया गया। जन प्रदर्शनी के प्रभारी बापूभाई बिलवाल को बनाया गया है। इस प्रदर्शनी में जिले के लोगों के स्थिति को दर्शाया गया है, कैसे मानव अपना विकास कर सकता है, प्रदर्शनी में इस बात पर भी बल दिया गया है। जानवर की प्रदर्शनी का प्रभारी भूरूभाई भूरिया को बनाया गया है। जिले की परंपरा में कौन-कौन से प्रजाति के जानवर यहां पाए जाते थे और अब देखने को नहीं मिलते है, इनके समग्र विकास के लिए क्या-क्या जाना चाहिए, इसका समावेश किया गया। नवविज्ञान प्रदर्शनी का प्रभारी प्रवीण कटारा को बनाया गया है। इस प्रदर्शनी की बात यह है कि इसमें कृषि विज्ञान एवं अन्य कार्यों को वैज्ञानिक तरीके से करने संबंधी शिक्षा दी गई।

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