शिमला, 26 फरवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने रविवार को घोषणा की कि वह राज्य में औषधीय पौधों की लाभकारी खेती के लिए कृषि-तकनीक का विकास कर रही है।
प्रत्येक जलवायु क्षेत्र में खेती के उपयुक्त प्रजाति की पहचान के क्रम में राज्य कृषि तकनीक का विकास कर रहा है।
सरकार ने एक बयान में कहा है कि इससे उत्पादकों की आय में इजाफा होगा।
आयुर्वेद विभाग ने औषधीय खजाने को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया है। इसके लिए अलग-अलग जलवायु क्षेत्र में बगीचे स्थापित किए जा रहे हैं।
हर्बल बगीचे मंडी जिले के जोगिंदरनगर, हमीरपुर जिले के नेरी, शिमला के धुमरेरा और बिलासपुर के जुंगल थलेरा में स्थापित हो रहे हैं।
वर्तमान में राज्य में चार आमची (तिब्बती चिकित्सा) स्वास्थ्य केंद्र, तीन यूनानी केंद्र और एक औषधि परीक्षण प्रयोगशाला है।
बयान में कहा गया है कि तीन विभागीय आयुर्वेदिक फार्मेसियां राज्य में मुफ्त वितरण के लिए दवा निर्माण कर रही हैं।
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