नितिन ठाकुर सीहोर से
प्रशासन ने शौचालय नही होने को लेकर उजाड़े गरीबों के आशियाने ।
केंद्र सरकार का स्वच्छ भारत अभियान के क्रियांनवयन में लगभग नकारा साबित हो चुका प्रशासन अब इस बात पर आमादा हो गया है कि लोगों को अभियान के नाम पर बैघर कर रहा है। शुक्रवार को सीहोर जिले के इछावर तहसील मुख्यालय पर सैकडो लोगों के घर स्वच्छता के नाम पर उजाड दिये गए जिस प्रशासन ने आखें मूंद कर एक साल पहले अतिक्रमण कराये थे? वही शुक्रवार को उन्हें उजाडता नजर आया, आशियाना खो चुके गरीब लोग शासन के अधिकारियों और राजनेताओं को गंदी गदी गालियां देकर कोस रहे थे मौके पर पीडित गरीबों के बच्चे रो रहे थे ,प्रशासन और पुलिस बल लाठी लेकर अतिक्रमण हटा रहे थे लेकिन पीड़ितों की व्यथा कोई सुनने वाला नही था,मौके पर केवल हिटलरी हुक्म काबिज था पूरा मामला यह है कि इछावर के नसरुल्लागंज मार्ग पर एक साल पहले घुमंतु जाती के कुछ लोगों द्वारा झुग्गी बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया था इस अतिक्रमण के कारण इछावर के प्राचीन तालाब का अस्तित्व खतरे मे पड़ गया था जिसकी जानकारी प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन तक पहुंचाई भी थी लेकिन प्रशासन ने उन पर सिर्फ़ जुर्माना कर अपने कर्तव्य की इतिश्री करली थी। प्रशासन का लचर रवैया आज सैकड़ों लोगों के लिए उस समय दुखदायी हो गया जब शौचालय नहीं होने और स्वच्छता के नाम पर तौड़ दिये गए।
पीड़ितों का कहना था कि जब हमारे पास रहने के लिये इस प्रथ्वी पर मकान ही नहीं हैं तो शौचालय कहाँ से लायें ? प्रशासन को स्वच्छता के नाम पर हम गरीबों के ही आशियाने नज़र आ रहे हैं । हम लोग गंदगी समेटने वाले हैं और इसीे से हमारा परिवार चलता है।हम कचरा बीन कर पैसा कमाते हैं और नगर की स्वच्छता मे भी योगदान देते हैं और स्वच्छता के नाम पर हमारे ही विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है जो सरासर गलत है जबकि धनाड्य लोगों ने शासन की जमीन पर आलीशान बंगले और दुकाने बना रखी हैं ।
यह कहा अमले के अधिकारियों ने।
सरकारी भुमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराए जाने की मुहीम के तहत और नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिये आज ये अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अशोक कैथल
सीएमओ,नपं इछावर
प्रशासन की यह कार्रवाई नगर को स्वच्छ बनाये रखने के लिये की गई है ये लोग गंदगी फैला रहे थे इस लिए कार्रवाई की गई।इछावर ओडीएफ घोषित हो चुकी है अब अस्वच्छता बरदास्त नहीं करेगा प्रशासन ।
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