बैतूल, 5 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी की दस्तक से पहले ही जल संकट गहराने के आसार नजर आने लगे हैं। इसी के मद्देनजर बैतूल जिला प्रशासन ने जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किए जाने के साथ निजी नलकूप के खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
जिलाधिकारी शशांक मिश्र ने जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता में आ रही कमी को देखते हुए शनिवार को समूचे जिले को मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत जल अभावग्रस्त घोषित किया। इसके तहत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निजी नलकूप खनन कार्य को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेगा।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, जिले के सभी नदी-नालों, तालाबों, बांधों, जलाशयों, बांधों, सार्वजनिक कुओं व अन्य जल स्रोतों का पानी केवल पेयजल एवं निस्तार प्रयोजनों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के जलस्रोतों का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना या दो वर्ष का कारावास अथवा दोनों ही सजा हो सकती है।
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