पाकिस्तानी आतंकियों ने किया था मुंबई पर हमला : पूर्व पाकिस्तानी एनएसए (लीड-1)

नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) महमूद अली दुर्रानी ने सोमवार को स्वीकार किया कि मुंबई में साल 2008 में हुए आतंकवादी हमले को उनके देश में स्थित आतंकवादी संगठन ने अंजाम दिया था। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान हिरासत में लिए गए लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

यह पहली बार है जब पाकिस्तान के किसी उच्चस्तरीय अधिकारी ने मुंबई हमलों में अपने देश में स्थित आतंकवादियों की भूमिका को स्वीकार किया है। यह भारत के इस रुख की पुष्टि करता है कि नौ साल पहले हुए इस हमले को लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था।

दुर्रानी ने यहां इंस्टीट्यूट आफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस में 19वें एशियाई सुरक्षा सम्मेलन में कहा, “घृणायोग्य इस बात को मैं स्वीकार करता हूं कि पाकिस्तान के एक आतंकवादी संगठन ने 26/11 के मुंबई हमले को अंजाम दिया था। यह सीमापार आतंकी गतिविधि का एक क्लासिक उदाहरण है।”

26 नवंबर, 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के मुंबई में दाखिल होने और कत्लेआम मचाने के वक्त दुर्रानी पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक भी थे।

लेकिन, दुर्रानी ने इस बात पर जोर दिया कि हाफिज सईद तथा लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन कमांडर जकीउर रहमान लखवी ने जिस आतंकवादी हमले को अंजाम दिया, उनमें पाकिस्तान सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। पाकिस्तान में कथित तौर पर ढिलाई से चलाए गए मुकदमे में साल 2016 में जकीउर रहमान लखवी को जमानत मिल गई थी।

पाकिस्तान का मुंबई हमला मामले की सुनवाई पूरी करने में नाकाम रहना, भारत तथा पाकिस्तान के बीच के द्विपक्षीय संबंधों का एक सबसे बड़ा रोड़ा रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह उन सबूतों को पाकिस्तान से साझा कर चुका है, जिनके मुताबिक मुंबई हमले के लिए पाकिस्तान स्थित लश्कर के शिविर में 10 हमलावरों को प्रशिक्षित किया गया।

दुर्रानी ने कहा कि पाकिस्तान के तत्कालीन शीर्ष सुरक्षा अधिकारी रहते हुए उन्होंने हमले में पाकिस्तान की भूमिका की जांच करने के लिए भारत की सहायता की पेशकश की थी, लेकिन दुर्भाग्यवश परस्पर विश्वास में कमी के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी।

उन्होंने कहा, “मैंने अपने भारतीय समकक्ष (शिवशंकर मेनन) से बातचीत की थी और कहा था कि अगर आप मंजूरी दें, तो हम मुंबई में आपके साथ जांच के लिए अपने दो लोगों को भेजेंगे। लेकिन, परस्पर विश्वास में कमी के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई।”

दुर्रानी ने हाफिज सईद पर भी निशाना साधा। आतंकवादी कमांडर हाफिज सईद पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की है।

उन्होंने कहा, “हाफिज सईद की कोई उपयोगिता नहीं रह गई है। मुझे उम्मीद है वे (पाकिस्तान सरकार) उसे दंडित करेंगे।”

सईद को बीते 30 जनवरी से ही नजरबंद कर दिया गया है। जमात-उद-दावा नामक धर्मार्थ संगठन का संचालन करने वाले सईद को नवंबर 2008 में मुंबई में हुए हमले के बाद हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में एक अदालत ने 2009 में उसे रिहा कर दिया।

पाकिस्तान ने लश्कर के संस्थापक को देश के आतंकवाद-रोधी अधिनियम के तहत सूची में शामिल किया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493