उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव के समय सरकार बनने पर 100 दिनों के अंदर विदेशों में जमा काला धन वापस लाने तथा बैंक खाताधारकों के खाते में 15 लाख रुपया भेजने व अच्छे दिन लाने का वायदा करते हैं। लेकिन जनता के न तो अच्छे दिन आए और न खाते में 15 लाख रुपये। उल्टे मध्यम वर्गीय जनता, छोटे कारोबारियों, दिहाड़ी मजदूरों व किसानों को अपने ही खाते से 2000 रुपया निकालने के लिए 2-2, 3-3 दिन तक लाइनों में खड़ा होना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि भाजपा के बड़े नेता यह दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा, जो झूठ का पुलिंदा व जुमला है। उन्होंने कहा कि जब किसानों से इतनी हमदर्दी थी तो चुनाव घोषणा से पहले कर्ज माफी क्यों नहीं की?
निषाद ने कहा, “नरेंद्र मोदी पिछड़ों के नाम पर धब्बा हैं, क्योंकि जब से ये देश के प्रधानमंत्री बने हैं, अन्य पिछड़े वर्ग का नुकसान छोड़ कोई लाभकारी व कल्याणकारी योजना शुरू नहीं हुई है।”
उन्होंने कहा कि मोदी पिछड़ें हैं तो उन्होंने बजट में पिछड़ों के कल्याण के लिए कितना बजट पास किया? मोदी ने 54-60 प्रतिशत जनसंख्या वाले ओबीसी के लिए एक रुपये का भी बजट नहीं दिए जो अत्यंत निंदनीय व पिछड़ा विरोधी कार्य है।
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