नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने रोड रेज के एक मामले में एक युवक की हत्या के आरोपी रॉकी यादव को मिली जमानत को सोमवार को रद्द कर दिया।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे तथा न्यायमूर्ति एल.नागेश्वर राव की एक पीठ ने पटना उच्च न्यायालय द्वारा यादव को दी गई जमानत को रद्द कर दिया और न्यायालय से सुनवाई को छह महीने के भीतर पूरी करने को कहा।
जनता दल-युनाइटेड (जद-यू) की निलंबित पार्षद मनोरमा देवी के बेटे राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी यादव ने बिहार के गया में सात मई को कथित तौर पर उसकी एसयूवी को एक कार द्वारा ओवरटेक करने पर कार में सवार 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद 11 मई, 2016 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
रॉकी यादव को 19 अक्टूबर, 2016 को पटना उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी। मामले में सह आरोपी राजेश कुमार को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
बिहार सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए आरोपी रॉकी यादव को मिली जमानत को रद्द करने की मांग की थी। सरकार के वकील ने तर्क दिया, “उसने राजमार्ग पर एक युवक को इसलिए गोली मार दी, क्योंकि एक स्विफ्ट कार द्वारा उसकी आयातित लैंड रोवर कार को ओवरटेक करना उसे बर्दाश्त नहीं हुआ।”
सर्वोच्च न्यायालय ने 28 अक्टूब को उच्च न्यायालय के जमानत के आदेश पर रोक लगा दी थी और रॉकी यादव को जेल भेज दिया था।
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