नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलपति व अन्य अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह निर्देश जेएनयू के प्रशासनिक खंड पर छात्रों द्वारा लगातार किए जा रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर दिया गया है।
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलपति व अन्य अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह निर्देश जेएनयू के प्रशासनिक खंड पर छात्रों द्वारा लगातार किए जा रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर दिया गया है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने प्रदर्शनकारियों को भी निर्देश दिया कि वे प्रशासनिक खंड से 100 मीटर दूर ही रहकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें।
अदालत ने जेएनयू छात्रसंघ को इस आशय का नोटिस भी जारी किया है।
अदालत ने जेएनयू छात्रसंघ के पदाधिकारियों को मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर हाजिर होने और आंदोलन की वजह बताने का निर्देश दिया। अदालत का मानना है कि समस्या का हल बातचीत, परामर्श और ध्यान (मेडिटेशन) से हो सकता है।
अदालत जेएनयू प्रशासन की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि आंदोलनकारी छात्र प्रशासनिक खंड में प्रवेश करने का रास्ता अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे कामकाज प्रभावित होता है।
आंदोलनकारी छात्रों ने 9 फरवरी को प्रशासनिक खंड पर कब्जा जमा लिया था। छात्रों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी एक अधिसूचना के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया, जिसके तहत एमफिल और पीएचडी कोर्सो की सीटों में कटौती सहित जेएनयू की दाखिला नीति में बदलाव लाया जाना है।
प्रदशनकारियों ने फिलहाल बिना किसी औपचारिक घोषणा के प्रशासनिक खंड के सामने धरना-प्रदर्शन बंद कर दिया है।
अदालत ने जेएनयू प्रशासन को 30 दिनों का सीसीटीवी फुटेज संरक्षित करने और जरूरत पड़ने पर उसे स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है।
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