नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने 44 पुरस्कार प्राप्त महिला कलाकारों और बुनकरों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी शुरू की है जो 15 मार्च तक चलेगी।
जनपथ स्थित हैंडलूम हाट पर आयोजित यह प्रदर्शनी आठ मार्च से शुरू हुई थी। प्रदर्शनी 15 मार्च तक सुबह 11 बजे से शाम आठ बजे तक खुली रहेगी।
वस्त्र मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, 44 पुरस्कार प्राप्त महिला कलाकारों एवं बुनकरों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेचने का अवसर प्रदान करेगा। यह हस्तनिर्मित उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी है जो इन बुनकरों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ये महिलाएं अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकेंगी। इस प्रकार उन पर निर्भर कई अन्य महिलाओं के लिए आजीविका के मार्ग प्रशस्त होंगे।
प्रदर्शनी में अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन करने वाली ये महिलाएं देश के विभिन्न राज्यों से हैं, जैसे असाम, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, पश्चिमी बंगाल और त्रिपुरा।
हैंडलूम सेक्शन में कई प्रकार के कपड़ों को प्रदर्शित किया जाएगा, जैसे ईरी सिल्क, मूगा सिल्क, गुजरात इकत, कुच शॉल, पोचमपल्ली आईकट, कुल्लू शॉल, वांगछिफे, टाई एंड डाई कॉटन साड़ी, बनारसी साड़ी, कोटा दोराई साड़ी और जामदानी साड़ी आदि।
हैंडीक्राफ्ट सेक्शन में बिहार, मध्यप्रदेश, असम, ओडिशा, पश्चिमी बंगाल, रायगढ़, उत्तरप्रदेश, आंध्र प्रदेश, चेन्नई, गुजरात, नई दिल्ली, राजस्थान, गुवाहाटी और मणिपुर से आई कारीगर महिलाएं अपनी कारीगरी का प्रदर्शन करेंगी।
इन उत्पादों में पट्टूचित्रा, टाई एंड डाई, मोती के आभूषण, क्रोशिए की कढ़ाई, थंजावुर ग्लास पेंटिंग, बेल मेटल, शॉल आर्टवेयर, प्राकृतिक फाइबर, चिकन कढ़ाई, पत्थर की नक्काशी, गुड़िया, केन एवं बांस के आभूषण, आदिवासी परिधान, लकड़ी की नक्काशी, हाथ की कढ़ाई, चमड़े की कढ़ाई, मधुबनी पेंटिंग और स्क्रैच पेंटिंग आदि शामिल होंगे।
dharmpath.com dharmpath