निषाद ने शुक्रवार को कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरएसएस के इशारे पर पिछड़ा विरोधी काम में जुटे हुए हैं। लोकसभा चुनाव से पूर्व मोदी अपने को चाय बेचने वाला व दूसरे के घर में चौका-बर्तन करने वाली गरीब मां का बेटा तथा अपने को पिछड़ा व अतिपिछड़ा बताते घूम रहे थे। भोले-भाले अतिपिछड़े मोदी के झूठ, फरेब में आकर भाजपा का साथ दे दिए। लेकिन अभी तक मोदी ने कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया, जो पिछड़ों के हित में हो।”
निषाद ने मोदी व अमित शाह से पूछा कि क्या मोदी पुरुषोत्तम भाई सोलंकी से बड़े हिंदुवादी व जनसंख्या वाली जाति से ताल्लुकात रखने वाले नेता रहे हैं? उन्होंने कहा, “2001 से भावनगर के नेता पुरुषोत्तम भाई सोलंकी अभी तक राज्यमंत्री के ही रूप में काम करते आ रहे हैं। केशू भाई पटेल के समय तक पिछड़ों व अतिपिछड़ों को राजनीतिक सम्मान मिलता रहा, परंतु मोदी के आने के बाद पिछड़े, अतिपिछड़े दरकिनार कर दिए गए।”
उन्होंने कहा कि इस समय गुजरात मंत्रिमंडल में कोई पिछड़ा, अतिपिछड़ा कैबिनेट मंत्री तक नहीं है। मोदी पूरी तरह पिछड़ा विरोधी हैं। उन्होंने कहा, “मोदी अब रेलवे स्टेशनों को बेचने के काम में जुट गए हैं। हबीबगंज स्टेशन को बंसल के नाम बेच दिया। जीएसटी के नाम पर महंगाई बढ़ाने जा रहे हैं व बैंकिंग सेवाओं के नाम पर ग्राहकों की जेब काटने का काम शुरू कराने जा रहे हैं।”
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