इंफाल, 20 मार्च (आईएएनएस)। नागा समूहों द्वारा नाकाबंदी वापस लिए जाने के बाद फंसे ट्रकों और तेल के टैंकरों का सोमवार को इंफाल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
यह नाकाबंदी युनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) द्वारा एक नवंबर से लागू की गई थी। इसे रविवार मध्यरात्रि से हटा लिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 और 37 से ट्रक और टैंकरों ने इंफाल में बिना किसी सशस्त्र रक्षक दल के प्रवेश किया।
एक ट्रक चालक ओ. रमेश ने आईएएनएस से कहा कि वह असम से लगे जिरिबाम में करीब दस दिनों से फंसा था।
रमेश ने कहा, “अधिकारी इंफाल की तरफ जाने वाले ट्रकों का चुनाव उनके परिवहन वाले सामानों के आधार पर कर रहे हैं। मेरे ट्रक में लोहे की सरिया होने की वजह से मुझे प्राथमिकता के आधार पर जाने की इजाजत नहीं दी गई।”
मणिपुर के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने नाकाबंदी हटाए जाने के कदम का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि आर्थिक नाकेबंदी को हटा लिया गया। यह भारतीय जनता पार्टी के चुनाव पूर्व किए गए वादों में यह एक था। हम आशा करते है कि राज्य में कोई और नाकेबंदी नहीं होगी।”
पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने भी नाकेबंदी हटाए जाने का स्वागत किया।
यह फैसला रविवार को त्रिपक्षीय वार्ता के बाद लिया गया। इस वार्ता में दो यूएनसी के घटक ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर (एएनएसएएम) और नागा वोमेन यूनियन (एनएमयू) और केंद्र और मणिपुर सरकार के प्रतिनिधि शामिल रहे।
यह नाकेबंदी पूर्व मणिपुर सरकार द्वारा सात नए जिले बनाने के विरोध के तौर पर एक नवंबर को लागू की गई थी।
नागा मानते है कि उनके पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई ‘नागा भूमि’ इस तरह से उनसे दूर नहीं की जा सकती।
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