आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि एक शिफ्ट में आठ कमांडो के हिसाब से योगी की सुरक्षा के लिए 24 कमांडो की तैनाती हो सकती है। इसके अलावा तीन शिफ्ट के लिए करीब 400 पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में लगा दिए गए हैं।
लखनऊ में योगी शुभ मुहूर्त देख सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग में रहेंगे। इसमें पहले अखिलेश यादव रहते थे। उन्होंने जब आवास खाली कर दिया, तब इसे गोरक्षनाथ पीठ (गोरखपुर) से 11 गायों का दूध, गौमूत्र और गंगाजल मंगाकर धोया गया। शुद्धिकरण, हवन और पूजा-पाठ के बाद उस शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा की जा रही है, जब महंत आदित्यनाथ सरकारी आवास में संन्यासी की तरह रहने लगेंगे।
योगी फिहाल वीवीआईपी गेस्ट हाउस में भी रह रहे हैं, जहां अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा के लिए डीजीपी जावीद अहमद ने सोमवार को अपने सभागार में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी, अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) भवेश कुमार सिंह, आईजी (सुरक्षा) मुथा अशोक जैन समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे। डीजीपी ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा की समीक्षा की।
डीजीपी ने कहा कि उनकी सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद व पुख्ता किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही न हो।
योगी के गृह नगर गोरखपुर के लिहाज से भी सुरक्षा की समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में रहते हैं, इस कारण वहां की स्थिति को देखते हुए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। नवरात्र में योगी के गोरखपुर में ही रहने की संभावना है। इसके चलते वहां भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के निर्देश दिए गए हैं।
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