नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्र में मौजूद सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की एक कोशिश में बिम्सटेक देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों ने मंगलवार को यहां अपनी पहली बैठक की।
विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद एक बयान में कहा, “बैठक में यह बात उभर कर आई कि बिम्सटेक सदस्य देशों के सामने साझा सुरक्षा चुनौतियां हैं और इस बात को रेखांकित किया गया कि क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि और मानव सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता है।”
बयान में कहा गया है, “बैठक में बंगाल की खाड़ी को साझा सुरक्षा क्षेत्र मानने के महत्व को रेखांकित किया गया और साझी प्रतिक्रिया के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।”
बयान में कहा गया है, “चूंकि बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में आतंकवाद शांति और स्थिरता के लिए लगातार अकेला सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है, लिहाजा बैठक में आतंकवाद, हिंसक चरमवाद और कट्टरपंथ के प्रसार को रोकने व उससे मुकाबले के लिए आवश्यक कदमों की जरूरत महसूस की गई और सदस्य देशों के कानून प्रवर्तन, खुफिया व सुरक्षा संगठनों के बीच सहयोग एवं समन्वयन बढ़ाने के ठोस उपाय करने तथा क्षमता निर्माण का निर्णय लिया गया।”
‘बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकॉनॉमिक कोऑपरेशन’ (बिम्सटेक) एक क्षेत्रीय समूह है, जिसमें बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल हैं।
पाकिस्तान के असहयोग की वजह से दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) क्षेत्रीय समूह के कई मुद्दों पर अप्रभावी होने के कारण हाल के दिनों में भारत बिम्सटेक समूह को ज्यादा महत्व दे रहा है।
बिम्सटेक देशों की मंगलवार की बैठक पिछले साल अक्टूबर में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन के दौरान गोवा में बिम्सटेक लीडर्स रिट्रीट में लिए गए फैसले के क्रम में थी।
बिम्सटेक की बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने की। इसमें बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रक्षा और सुरक्षा सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) तारिक अहमद सिद्दीकी, भूटान के गृह एवं संस्कृति मंत्रालय की सचिव सोनम तोपगे, म्यांमार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थांग तुन, नेपाल की सशस्त्र पुलिस के महानिरीक्षक सिंह बहादुर श्रेष्ठ, श्रीलंका के सैन्य खुफिया महानिदेशक ब्रिगेडियर एम.डी.यू.वी. गुणातिलके, थाईलैंड की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप महासचिव वीरा उरइरत, और बिम्सटेक के महासचिव सुमित नकनदाला ने हिस्सा लिया।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, बिम्सटेक सदस्य देशों को भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले काउंटर रेडिकलाइजेशन सम्मेलन में भी आमंत्रित किया गया है।
बयान में कहा गया है, “साइबर दुनिया में उभरते रुझानों से पैदा हुई चिंताओं के मद्देनजर बैठक में तय किया गया कि साइबर सुरक्षा पर एक संयुक्त मंच के माध्यम से संबंधित साइबर संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा।”
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