नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। देश के गैर-लाभकारी संगठन ‘सेफ वाटर नेटवर्क’ ने दूषित भूजल की गंभीर समस्या वाले इलाकों में ‘वाटर एटीएम’ (जल एटीएम) शुरू किए हैं।
इस पहल के तहत संगठन ने किफायती, भरोसेमंद, स्थाई और अलग तरीके से जल समाधान उपलब्ध कराने में अग्रणी भूमिका प्रदर्शित की है।
इसके तहत उपभोक्ताओं को 20 लीटर सुरक्षित पीने का पानी खरीदने की सुविधा दी जाती है, जो दिन के किसी भी समय ‘वाटर एटीएम’ में अपना स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल करने पर प्राप्त होगी।
संस्था की ओर से जारी बयान के अनुसार, ये ‘वाटर एटीएम’ गैर-सरकारी संगठनों के आई-जल स्टेशनों पर होंगे। इन स्टेशनों को क्लाउड आधारित तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे संचालन मानकों तथा मात्रा का ऑनलाइन आंकलन किया जा सकेगा।
इसके साथ ही इन वाटर स्टेशनों में से कई स्टेशन सौर ऊर्जा तथा बिजली से संचालित हैं, जिससे इनके संचालन का खर्च भी अधिक नहीं होगा।
‘सेफ वाटर नेटवर्क’ के निदेशक रवि सेवक ने कहा, “हमारा अगला कदम डिजिटल रूप से किए जाने वाले भुगतानों की ओर होगा, ताकि वाटर स्टेशनों पर नगद रहित भुगतान की सुविधा दी जा सके। इसके तहत हमने ‘भारत इंटरफेस फॉर मनी’ मोबाइल एप हेतु जागरूकता के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करने के क्रम में मेडक जिले से साझेदारी की है।”
बयान के अनुसार, विश्व जल दिवस से पहले तेलंगाना के मेडक जिले में इन ‘वाटर एटीएम’ के स्टेशनों के आसपास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान में ‘हनीवेल इंडिया’ के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस कार्यक्रम को एचवाईसीए सीएसआर अवार्ड समारोह-2017 में पुरस्कृत किया गया।
गैर-लाभकारी संगठन ने तेलंगाना के विभिन्न क्षेत्रों में 150 से अधिक सेफ वाटर स्टेशन लगाए गए हैं। 70 सेफ वाटर स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।
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