तिरुवनंतपुरम, 25 मार्च (आईएएनएस)। महत्वपूर्ण पदों पर रिश्तोदारों को नियुक्त करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी, उनके कैबिनेट सहयोगी रमेश चेन्निथला और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के 11 अन्य नेता शनिवार को केरल की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) द्वारा बरी कर दिए गए।
वीएसीबी ने प्रारंभिक जांच के बाद पाया कि चांडी या अन्य नेताओं ने अपनी आधिकारिक शक्तियों का कोई दुरुपयोग नहीं किया और 2011 से 2016 तक सत्ता में बने रहने के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर अपने किसी रिश्तेदार को नियुक्त नहीं किया।
अधिकारियों के अनुसार, सतर्कता अदालत में शनिवार को क्लीन चिट रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया था, जब मौजूदा मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की सरकार में उद्योग मंत्री व माकपा नेता ई.पी. जयराजन को भाई-भतीजावाद के आरोप में ही पिछले साल मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था। उनपर आरोप था कि उन्होंने अपने भतीजे और एक अन्य रिश्तेदार को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया था।
शिकायतकर्ता ने चांडी और अन्य के खिलाफ सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो और सतर्कता अदालत में याचिका दायर की थी।
ब्यूरो ने अपनी जांच में निष्कर्ष निकाला कि कुछ नेताओं ने लिपिक पदों पर अनुबंध के आधार पर अपने रिश्तेदारों को नियुक्त किया था, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि सत्ता का दुरुपयोग हुआ है और सरकार बदलने के बाद भी वे लोग अपने पदों पर बने हुए हैं।
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