जबलपुर, 26 मार्च (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के जबलपुर के खमरिया क्षेत्र स्थित आयुध निर्माण कारखाने (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री) में शनिवार देर शाम को सिलसिलेवार धमाकों से लगी आग से इलाके में दहशत फैल गई है।
हालांकि, आग पर देर रात तक काबू पा लिया गया लेकिन इन धमाकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
गौरतलब है कि शनिवार देर शाम को एफ-तीन सेक्शन की एक इमारत में एक के बाद एक धमाके हुए और आग लग गई। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आग की लपटों को भी कई किलोमीटर दूर से देखा गया, जिससे हर तरफ दहशत फैल गई। इन धमाकों के चलते कई इमारतों को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि ये विस्फोट 125 एमएम बमों से हुए। यह बम दुश्मनों के टैंकों को पलभर में ही ध्वस्त करने में सक्षम होते हैं। विस्फोट कैसे हुए इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
रांझी क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक अखिल वर्मा ने रविवार को आईएएनएस को बताया, “आयुध निर्माण कारखाने में शनिवार शाम को एक के बाद एक धमाके हुए थे। उसके बाद लगी आग पर देर रात तक पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। इमारतों को कितना नुकसान हुआ, इसका पता लगाया जा रहा है।”
वहीं, आयुध निर्माण कारखाने के अधिकारियों के मुताबिक, ये धमाके उस हिस्से में हुए, जहां फिलिंग का काम होता है। धमाके शाम को छह बजे की पाली की छुट्टी के बाद हुए। उस वक्त कोई भी कर्मचारी कारखाने में मौजूद नहीं था।
जबलपुर का आयुध निर्माण कारखाना एशिया के प्रमुख आयुध निर्माण कारखानों में से एक है। यहां देश की सेना के लिए बम बनाए जाते हैं। शनिवार को हुए धमाकों के बाद पूरे शहर में दहशत फैल गई।
यहां काम करने वाले कर्मचारियों के परिजन कारखाने की ओर भागे। पान बाई ने बताया, “उसका बेटा यहां काम करता है, धमाकों की आवाज सुनते ही वह यहां भागी चली आई। उसे जब यह पता चला कि धमाकों में कोई घायल या हताहत नहीं हुआ है, तब जाकर उसे राहत मिली।”
कारखाने के कर्मचारियों ने बताया कि शाम 6.25 मिनट के बाद सिलसिलेवार धमाके हुए। कर्मचारियों का अनुमान है कि इस दौरान 100 से ज्यादा धमाके हुए और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। उसके बाद दमकल विभाग की लगभग 40 गाड़ियों ने भारी मशक्कत के बाद देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
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