नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। शहरों और कस्बों की क्रेडिट रेटिंग की कवायद के जोर पकड़ते स्मार्ट सिटी मिशन और अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) में शामिल 500 शहरों में से 94 को ऐसी रेटिंग प्राप्त हुई है, जो संसाधन जुटाने के लिए म्युनिसिपल बांड जारी करने हेतु अनिवार्य है।
शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू द्वारा शनिवार को शुरू की गई क्रेडिट रेटिंग कवायद की प्रगति की समीक्षा के दौरान पता चला कि इन में से 55 शहरों को ‘निवेश ग्रेड’ की रेटिंग प्राप्त हुई है।
नायडू ने कहा कि 55 प्रतिशत शहरों को निवेश ग्रेडिंग रेटिंग के रूप में मूल्यांकित किया गया है। देश में शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति के बारे में जैसा सोचा जा रहा था, उससे उनकी रेटिंग बेहतर रही है।
क्रेडिट रेटिंग प्रदान किए गए 94 शहर 14 राज्यों में फैले हैं। शहरी विकास मंत्रालय पांच परिवर्तनकारी सुधारों में से एक के रूप में शहरों की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ावा दे रहा है, जिसके अंतर्गत इस वर्ष के दौरान करीब 500 शहरों और कस्बों को क्रेडिट रेटिंग प्रदान की जानी है। इन शहरों में देश की कुल शहरी आबादी का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा रहता है।
एएए से डी तक कुल 20 रेटिंग्स में से बीबीबी- रेटिंग को ‘निवेश ग्रेड रेटिंग’ समझा गया है। बीबीबी- से नीचे रेटिंग वाले शहरों को म्युनिसिपल बांड जारी करने के लिए अपेक्षित रेटिंग हासिल करने के प्रयास करने होंगे और अपनी रेटिंग में सुधार लाना होगा।
क्रेडिट रेटिंग स्थानीय शहरी निकायों की परिसम्पत्तियों और देयताओं, राजस्व स्रोतों, पूंजी निवेश के लिए उपलब्ध संसाधनों, डबल एंट्री अकाउंटिंग प्रैक्टिस और अन्य शासन पद्धतियों के आधार पर दी जाती हैं। शहरी स्थानीय निकायों की क्रेडिट रेटिंग के अलावा उन परियोजनाओं की अलग अलग रेटिंग भी ऐसे बांड जारी करने के लिए महत्व रखती है, जिनके लिए म्युनिसिपल बांड के जरिए संसाधन जुटाए जाने हैं।
dharmpath.com dharmpath