नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। देश के प्राध्यापकों के शीर्ष संगठन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सातवीं वेतन समीक्षा समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूविर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईएफयूसीटीओ) के महासचिव अरुण कुमार ने कहा, “भारत सरकार द्वारा रिपोर्ट पर अभूतपूर्व गोपनीयता विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के प्राध्यापकों के बीच एक बड़ा भ्रम पैदा कर रही है।”
उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों को दोहराए जाने के बावजूद फेडरेशन रिपोर्ट को सार्वजनिक करवाने में नाकाम रहा है।
यूजीसी द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को 22 फरवरी को रिपोर्ट पेश की गई थी।
उन्होंने कहा, “यह बहुत ही अफसोस की बात है कि न तो यूजीसी और न ही एमएचआरडी ने देश के सबसे बड़े प्राध्यापक संगठन के साथ कोई बात नहीं की।”
कुमार ने हताशा जताते हुए कहा कि प्राध्यापकों का संगठन अब तक पूरी रिपोर्ट देखने के अवसर से वंचित है।
कुमार के अनुसार, “एमएचआरडी के साथ चर्चा के लिए कई अनुरोधों के बावजूद अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। यह पिछली सरकारों द्वारा स्थापित और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का गंभीर उल्लंघन है।”
एआईएफयूसीटीओ ने कहा कि वह केंद्र सरकार के ‘तात्कालिक तरीकों’ और शिक्षक समुदाय के प्रति ‘कठोर और उदासीन’ ²ष्टिकोण की वजह से आंदोलन का सहारा लेने पर मजबूर हुए हैं।
अप्रैल के पहले सप्ताह में एमएचआरडी और यूजीसी को पत्र भेजने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू करने के साथ ही एआईएफयूसीटीओ पूरे देश में 19 अप्रैल को ‘मांग दिवस’ मनाएगा।
dharmpath.com dharmpath