गोवा का मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिग्विजय को धन्यवाद : पर्रिकर (लीड-2)

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए उन्हें इस बात के लिए ‘धन्यवाद’ दिया कि कांग्रेस सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद राज्य में बहुमत हासिल करने में असफल रही और इस वजह से उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिल गया।

पर्रिकर ने यह टिप्पणी राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान की।

राज्यसभा में पर्रिकर ने जैसे ही बोलना शुरू किया, कांग्रेस नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान पर्रिकर ने दिग्विजय सिंह को ‘विशेष धन्यवाद’ दिया।

पर्रिकर ने कहा, “मैं रक्षामंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आपके सहयोग के लिए सदन के सभापति, उप सभापति और सदस्यों को धन्यवाद देता हूं और मैं गोवा आने के लिए उन्हें आमंत्रित करता हूं। वे जब भी चाहें, गोवा आएं।”

उन्होंने कहा, “मेरा विशेष धन्यवाद माननीय सदस्य दिग्विजय सिंह के लिए है, जोकि गोवा में ही थे लेकिन जिन्होंने कुछ नहीं किया और इस वजह से मैं सरकार बनाने में सफल रहा।”

सदन के बाहर पर्रिकर ने कहा कि गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्दलीय विधायकों तथा क्षेत्रीय पार्टियों को मिलाकर जिस तरह से गठबंधन सरकार का गठन किया, उस पर अनैतिकता का कोई सवाल नहीं उठता।

पर्रिकर ने कहा, “अन्य पार्टियों ने हमारा समर्थन किया, क्योंकि उनका कांग्रेस पर विश्वास नहीं था..यह एक गठबंधन सरकार है और इसमें नैतिकता या अनैतिकता का कोई सवाल नहीं उठता।”

राज्य में चार फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला था। कांग्रेस ने 17 सीटें जीती थीं और प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि भाजपा ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की थी। राज्य विधानसभा में कुल 40 सीटें हैं।

पर्रिकर ने गठबंधन के घटकों द्वारा सरकार से अलग होने की संभावनाओं को खारिज किया।

उन्होंने कहा, “जब तक मैं वहां हूं, ऐसा नहीं होगा।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने दिग्विजय सिंह को विशेष धन्यवाद क्यों दिया, पर्रिकर ने कहा, “मैंने उनकी अक्षमता के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।”

दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा के आचरण पर चर्चा करने के लिए एक प्रस्ताव दिया है, जो दो सप्ताह से लंबित है।

कांग्रेस नेता ने शुक्रवार को एक बार फिर इस प्रस्ताव को उठाने पर जोर दिया और उप सभापति पी.जे.कुरियन से समय देने के लिए कहा।

दिग्विजय ने कहा, “महाशय, मैं मजाक बनकर रह गया हूं। जब मैं सदन आता हूं, तो संवाददाता मुझसे पूछते हैं कि मेरे प्रस्ताव का क्या हुआ, जब मैं बाहर जाता हूं, तो वे वही सवाल दोहराते हैं।” उन्होंने कहा कि मुद्दे की महत्ता खत्म हो चुकी है।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य तपन कुमार सेन ने कहा कि सरकार मुद्दे से बचने का प्रयास कर रही है।

सेन ने कहा, “उन्होंने (दिग्विजय सिंह) मूल प्रस्ताव पेश किया है और इसे स्वीकार कर लिया गया है। इसका मतलब है कि यह कार्यसूची में आना चाहिए। लेकिन ऐसा लगता है कि सत्र के बाकी बचे समय में इससे बचने की कोशिश की जा रही है।”

बजट सत्र के छह और कार्यदिवस बचे हैं। यह 12 अप्रैल को समाप्त होगा।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493