इस मामले को लेकर हुए हंगामे के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। मामले की जांच मजिस्ट्रेट रेणु सिंह को सौंपी गई है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने इस प्रकरण में अन्य दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने मुजफ्फरनगर के डीएम से फोन पर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली।
बुधवार को कस्तूरबा आवासीय स्कूल के सरकारी आवासीय विद्यालय की वार्डन सुरेखा ने शौचालय में खून के दाग मिलने पर करीब 30 छात्राओं के कपड़े उतरवाकर मासिकधर्म की जांच की थी। छात्राओं ने जब यह बात अभिभावकों को बताई, तब उन्होंने हंगामा किया।
अगले दिन गुरुवार को मामले ने तूल पकड़ा। अभिभावकों व छात्राओं ने शिक्षा अधिकारी से मिलकर वार्डन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिक्षा अधिकारी ने वार्डन को निलंबित कर दिया है और बीएसए ने जांच टीम गठित की।
उधर, लखनऊ में भी सरकार ने पूरे मामले की जांच करने के आदेश दे दिए हैं।
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