इम्फाल, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर में ससीटीवी कैमरा घोटाले की जांच के आदेश देने के बाद भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने अब ट्रैफिक लाइट घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भाजपा सरकार कुछ और घोटालों की जांच के आदेश दे सकती है, क्योंकि चुनाव से पहले भाजपा ने कहा था कि अगर मणिपुर में उसकी सरकार सत्ता में आती है तो वह भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह ) सुरेश बाबू ने शनिवार को कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रमोद अशताना, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव सुमंत सिंह और पुलिस महानिरीक्षक सोइबम इबोम्चा की तीन सदस्यीय समिति घोटाले की जांच करेगी।
समिति 15 दिनों के भीतर अपनी रपट पेश करेगी।
शिकायतों के अनुसार, मणिपुर में लगी उप-मानक ट्रैफिक लाइट उपकरणों ने एक दिन भी काम नहीं किया।
भाजपा ने कहा कि मीडिया द्वारा इस घोटले का खुलासा होने और जांच की मांग के बावजूद पिछली कांग्रेसी सरकार ने जांच के आदेश नहीं दिए।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इम्फाल में 12 जगहों पर सौर ऊर्जा और बैटरी बैकअप के साथ ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगाने के लिए 1,93,75,000 रुपये की धनराशि जमा की गई थी।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि इम्फाल देश के एक राज्य की इकलौती राजधानी है, जहां ट्रैफिक लाइट प्रणाली नहीं है।
इस बीच, मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने कहा, “केंद्र सरकार ने सभी पहाड़ी जिलों में विपणन परिसरों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह इम्फाल शहर में विपणन परिसर की ये प्रतिकृतियां हो सकती हैं।”
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