नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत व मलेशिया के द्विपक्षीय व्यापार में बीते वित्त वर्ष में काफी गिरावट दर्ज की गई है। मलेशिया के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं उद्योग मंत्री का कहना है कि इस स्थिति को पूरी तरह से बदलने के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक भारत के दौरे पर आए हैं।
मलेशिया के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं उद्योग मंत्री मुस्तफा मोहम्मद ने कहा कि रजाक 11 मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत दौरे पर आया यह सबसे बड़ा मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल है।
मोहम्मद ने कहा कि मलेशिया के साथ द्विपक्षीय व्यापार 2014-15 में 16.9 अरब डॉलर और 2015-16 में 12.8 अरब डॉलर का था। यह 2016-17 में 10.8 अरब डॉलर तक गिर गया।
मोहम्मद ने कहा, “मलेशियाई मंत्रिमंडल का एक तिहाई हिस्सा यहां आया हुआ है, जिसमें 11 मंत्री हैं जो मलेशिया के प्रधानमंत्री की अगुवाई में भारत के सबसे लंबे दौरे पर हैं।”
मंत्री ने भारत-मलेशिया व्यापार फोरम को संबोधित किया। इसका आयोजन संयुक्त रूप से औद्योगिक संस्थाओं फिक्की, एसोचैम और सीआईआई के साथ मलेशियाई निवेश विकास प्राधिकरण ने किया।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार को 15 अरब डॉलर तक पहुंचाने की अपना इरादा जताया है।”
मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल में कई उद्योगपतियों को भी शामिल किया गया है।
भारत-मलेशिया के सीईओ फोरम ने शनिवार को एक संतुलित क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) का आह्वान किया और इस पर जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने का आग्रह किया।
मलेशियाई नेता भारत के पांच दिवसीय दौरे पर आए हैं।
dharmpath.com dharmpath