पणजी, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा के पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर का कहना है कि गोवा में खानाबदोश जनजाति लमनी के सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए क्योंकि वे गोवा की छवि को धूमिल कर रहे हैं और तटीय राज्य की संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।
लमनी मुख्य रूप से कर्नाटक की जनजाति है।
अजगांवकर ने सोमवार को आईएएनएस से कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में मादक पदार्थ बेचे जा रहे हैं, उन्हें भी तत्काल निलंबित कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि वे मादक पदार्थो के व्यापार में लिप्त हैं।
अजगांवकर ने कहा, “जो बाहरी लोग गोवा की संस्कृति अपना सकते हैं, उन्हें रहने की इजाजत होनी चाहिए और शेष को राज्य से निकाल दिया जाना चाहिए। गोवा की संस्कृति को बनाए रखना जरूरी है। लमनी जनजाति के सदस्यों को गोवा नहीं आने देना चाहिए। उनकी वजह से गलत संदेश जा रहा है और गोवा की छवि खराब हो रही है। यह करना जरूरी है।”
मनोहर पर्रिकर ने पिछले महीने मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद कहा था कि गोवा की संस्कृति को बनाए रखना उनकी सरकार की नीति की प्राथमिकता रहेगी।
अजगांवकर ने कहा कि अगर पुलिस चाहे तो मादक पदार्थो के व्यापार पर लगाम लगा सकती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर मादक पदार्थो के व्यापार में लिप्त होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “हमारे अधिकारी जानते हैं कि मादक पदार्थ यहां कैसे आ रहे हैं अन्यथा यहां इसका व्यापार नहीं हो सकता। मैं मुख्यमंत्री से कहा रहा हूं कि जहां भी मादक पदार्थ पाए जाएं वहां के अधिकारी को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। यही इस समस्या का समाधान है।”
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