नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। हिंद महासागर क्षेत्र में निर्बाध आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सुरक्षित और स्थिर क्षेत्रीय वातावरण सुनिश्चित कराने और भारत के राष्ट्रीय उद्देश्य को देखते हुए नौसेना का जहाज शार्दुल इस क्षेत्र में निगरानी सहायता प्रदान करने के लिए दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में दो महीने की तैनाती पर है।
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस युद्ध पोत ने तैनाती के प्रारंभिक चरण में आठ से 26 मार्च, 2017 तक राष्ट्रीय तटरक्षक मॉरीशस के साथ तालमेल से मॉरीशस में संयुक्त विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की निगरानी की। सफल संयुक्त ईईजेड निगरानी के बाद इस युद्धपोत ने ईईजेड निगरानी के लिए 27 मार्च, 2017 को सेशेल्स के ईईजेड में प्रवेश किया।
बयान के अनुसार, इस युद्धपोत ने कमांडर रोहित मिश्रा की कमान में 28 मार्च, 2017 को ओ. टी. आर. के लिए पोर्ट विक्टोरिया में प्रवेश किया। सेशेल्स में सेशेल्स तटरक्षक मुख्यालय में वहां के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक हुई।
बयान में कहा गया है कि आईएनएस सार्दुल की तैनाती का उद्देश्य मछली पकड़ने और नशीले पदार्थो की तस्करी रोकने में मदद करना है। इस जहाज ने इस क्षेत्र में व्यापारियों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के साथ व्यापक पूछताछ की, ताकि व्यापारिक यातायात के पारगमन के लिए समुद्र को सुरक्षित बनाकर सेशेल्स के ईईजेड की सुरक्षा की जा सके।
बयान में कहा गया है कि यह युद्धपोत छह अप्रैल, 2017 को दूसरे ओटीआर और मिशन डिब्रीफ के लिए पोर्ट विक्टोरिया में प्रवेश करेगा। सेशेल्स की संयुक्त ईईजेड निगरानी की डिब्रीफ में सेशेल्स में नियुक्त भारत के उच्चायुक्त, एसपीडीएफ और सेशेल्स तटरक्षक के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। 17 अप्रैल को भारत के लिए लौटने से पूर्व यह जहाज सेशेल्स की ईईजेड निगरानी के तीसरे चरण के लिए आठ अप्रैल, 2017 को पोर्ट विक्टोरिया बंदरगाह से चलेगा।
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