नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व भाजपा सांसद तरुण विजय ने शुक्रवार को दक्षिण भारतीय लोगों पर अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए माफी मांगी। तरुण ने यह टिप्पणी भारत में नस्लवाद के आरोपों के खंडन के दौरान की थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान की गलत व्याख्या की गई।
विजय ने अलजजीरा न्यूज चैनल से कहा कि भारत में अफ्रीकी लोगों पर हुए हमलों का नस्लवाद से कुछ लेना-देना नहीं है। विजय ने कहा, “यदि हम नस्लवादी होते तो हमारे साथ पूरा दक्षिण क्यों होता..अगर हम नस्लवादी होते तो हम उनके साथ क्यों रहते। हमारे आसपास अश्वेत लोग हैं।”
अपनी इस विवादास्पद टिप्पणी को निशाने पर लिए जाने के बाद विजय ने ट्वीट कर माफी मांगी। विजय ने कहा, “मेरे शब्द शायद सही संदेश देने के लिए पर्याप्त नहीं थे। मुझे बुरा लग रहा है, वास्तव में मुझे खेद है। मैं उनसे क्षमा मांगता हूं जिन्हें मैंने जो कहना चाहा, मेरी बात उससे अलग लगी।”
विजय ने कहा उनकी बात की गलत व्याख्या की गई। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी..कभी भी..भूले से भी दक्षिण भारत को काला नहीं कह सकता। नाराजगी व्यक्त करने से पहले धीरज के साथ शो को देखिए।”
विजय ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “मैं मर सकता हूं लेकिन मैं अपनी संस्कृति, मेरे अपने लोगों और मेरे अपने देश का कैसे उपहास कर सकता हूं। बुरे तरीके से कहे गए मेरे बयान की गलत व्याख्या करने से पहले सोचिए।”
विजय ने कहा, “देश के कई हिस्सों में कई तरह के लोग रहते हैं, उनके रंग को लेकर कभी भी उनके खिलाफ कोई भेदभाव नहीं रहा।”
विजय ने कहा, “हां, सही है कि यह हास्यास्पद और बुरा लगता है। मेरा मतलब है, हम कृष्ण की पूजा करते हैं जिसका शाब्दिक अर्थ काला है, हमने कभी भी कोई नस्लवाद नहीं किया है।”
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