उप्र में गन्ना किसानों का भुगतान 23 अप्रैल तक करने के निर्देश (लीड-1)

मुख्यमंत्री योगी ने बंद सहकारी चीनी मिलों को आगामी वित्तीय वर्ष में चालू कराने की व्यवस्था करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। माया सरकार में 2010-11 में प्रदेश की 21 चीनी मिलों को बेचने में लगभग 1100 करोड़ रुपये के घोटाले की गहन जांच के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मामले की जांच सीबीआई से भी कराई जा सकती है। किसी भी व्यक्ति को सरकार की संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेचने का कोई अधिकार नहीं है।

योगी ने गन्ना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गन्ना समिति स्तर पर प्रत्येक माह में एक बार गन्ना किसान दिवस का आयोजन कराके गन्ना किसानों की शिकायतों का निवारण प्राथमिकता से कराया जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की शिकायतों का निराकरण कराने के लिए एक टोल फ्री नंबर भी गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी किया जाएगा।

योगी ने कहा, “प्रदेश के क्रियाशील 116 चीनी मिलों द्वारा प्रतिवर्ष 116 गांव अर्थात आगामी पांच वर्षो में 580 गांवों को अंगीकृत कर आदर्श गांव के रूप में विकसित कराया जाएगा। सभी चीनी मिल यार्डो में गन्ना किसानों को स्वच्छ पेयजल और बैठने के लिए शेड का निर्माण भी कराया जाए।” उन्होंने गन्ना किसानों की बहुप्रतीक्षीत मांग को दृष्टिगत रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ंजा निर्माण शुरू कराने की बात कही।

योगी ने बीते दो वर्षो में निर्मित संपर्क मार्गो का भौतिक सत्यापन कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “अगेती गन्ना प्रजातियों की अधिक उत्पादकता के लिए वांछित एवं किसानों में लोकप्रिय कीटनाशक ‘कोराजन’ को अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराया जाए। आगामी 100 दिवसों में सठियाव एवं स्नेहरोड़ सहकारी चीनी मिलों में नई आसवनी एवं एथनाल प्लांट का लोकार्पण कराने के लिए आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित करा ली जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “चीनी मिलों को इंटीग्रेटेड काम्प्लेक्स के रूप में विकसित किए जाने तथा गन्ने के जूस से सीधे एथनॉल अथवा बी-हैबी मोलैसेस से एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने की कार्यवाहियां प्राथमिकता से कराई जाएं। एथनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित किए जाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उचित मूल्य का निर्धारण सुनिश्चित कराया जाए, क्योंकि चीनी के मूल्य के सापेक्ष्य 1.5 गुना एथनॉल कम हो रहा है। अनूपशहर चीनी मिल में प्रेस मड से सीएनजी के उत्पादन की कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए।”

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर द्वारा किसानों को नवीनतम जानकारी एसएमएस से दिए जाने के लिए ‘गन्ना शोध सूचना प्रणाली’ का शुभांरभ इस वर्ष कराए जाने पर गन्ना विभाग के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि गन्ना विकास से संबंधित किसान मेलों, प्रदर्शनियों, विचार गोष्ठियों एवं सामूहिक सभाओं के वृहद आयोजन कराए जाएं।

उन्होंने मृदा परीक्षण लैब में 54 मिल क्षेत्रों में मृदा विशलेषण का कार्य एवं प्रतिवर्ष लगभग दो लाख क्विंटल अभिजनक गन्ना बीज का उत्पादन एवं वितरण कराए जाने पर भी प्रशंसा व्यक्त की।

विभाग द्वारा प्रस्तुतिकरण में पेराई सत्र 2015-16 एवं 2016-17 के गन्ना मूल्य भुगतान का तुलनात्मक स्थिति को लेकर बताया गया कि गत वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष में 7918 करोड़ रुपये यानी 21 प्रतिशत अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है।

विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान सरकार की गठन के बाद अब तक गन्ना मूल्य का 2923 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को कराया गया है। पेराई सत्र 2015-16 में कुल देयता 18003.21 करोड़ रुपये के सापेक्ष्य 17840.58 करोड़ रुपये का भुगतान यानी 99.10 प्रतिशत का भुगतान कराया गया है।

बताया गया कि सहकारी एवं निगम की चीनी मिलों का शत-प्रतिशत भुगतान कराया जा चुका है। निजी क्षेत्र की मात्र पांच चीनी मिलों पर 162.63 करोड़ रुपये अवशेष हैं।

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