नई दिल्ली/भुवनेश्वर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को हुई अंतर-राज्य परिषद (आईएससी) की स्थायी समिति की बैठक में पोलावरम और महानदी का मुद्दा उठाया।
पटनायक ने पोलावरम को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने में और दो राज्यों के बीच विवादास्पद मुद्दों पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी एक परियोजना अधिकारी को सौंपने में निष्पक्षता न बरतने का केंद्र सरकार पर आरोप लगाया और परियोजना को रोकने तथा महानदी जल विवाद सुलझाने के लिए जल्द से जल्द एक न्यायाधिकरण बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में महानदी बेसिन में जारी सभी निर्माण गतिविधियों को रोका जाए, ताकि ओडिशा के लोगों की आजीविका की रक्षा की जा सके।
पटनायक ने कहा कि ओडिशा राज्यों की स्वायत्तता की मजबूती के लिए बनाए गए पंछी आयोग की सिफारिशों का पूरी तरह समर्थन करता है।
उन्होंने कहा, “ओडिशा राज्यपालों और अन्य पक्षों की भूमिका परिभाषित करने के लिए पंक्षी आयोग की सिफारिशों का समर्थन करता है। ओडिशा गरीबी रेखा के नीचे बड़ी आबादी होने के आधार पर पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों की तरह धन प्राप्त करने का अधिकारी है।”
मुख्यमंत्री ने यह मांग भी की कि कोयला उत्पादक राज्यों के लिए 60 प्रतिशत स्वच्छ पर्यावरण कर निर्धारित किया जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार की उस मांग पर चिंता जताई, जिसमें कहा गया है कि नक्सल प्रभावित राज्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर आने वाली लागत की भरपाई करें। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद एक राष्ट्रीय चुनौती है और देश के सामने खड़ी आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है, लिहाजा राज्यों से की गई यह मांग बिल्कुल अनुचित है।
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