पणजी, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक माइकल लोबो ने पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर द्वारा खानाबदोश जनजाति लमनी के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगी है।
लोबो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अजगांवकर ने पिछले सप्ताह गोवा में एक बयान में लमनी जनजाति पर प्रतिबंध की मांग कर गलती की।
उन्होंने कहा, “मैं पार्टी तथा गठबंधन सरकार में घटक दलों की तरफ से माफी मांगता हूं। मंत्री को माफी मांगने पर विचार करना चाहिए। हालांकि यह उनपर निर्भर करता है।”
उल्लेखनीय है कि बीते तीन अप्रैल को अजगांवकर ने कहा था, “उन्हीं बाहरी लोगों को गोवा में रहने की मंजूरी देनी चाहिए जो राज्य की संस्कृति को बरकरार रख सकें, बाकी लोगों को खदेड़ देना चाहिए। गोवा की संस्कृति को अक्षुण्ण रखा जाना चाहिए। इन लमनियों को गोवा आने से रोका जाना चाहिए। उनके कारण गलत संदेश गया है और गोवा की छवि धूमिल हुई है। इसलिए ऐसा करना होगा।”
अपने रंग-बिरंगे परिधानों से पहचाने जाने वाले लमनी समुदाय के लोग गोवा में मौसमी पर्यटन व्यापार करते हैं। वे तटों पर पर्यटकों को जेवर तथा हाथों से बने कपड़े बेचते हैं।
गोवा में लमनी समुदाय के हजारों लोग बसे हुए हैं।
लोबो ने कहा कि गोवा के मशहूर बीचों पर विक्रेताओं पर नियंत्रण करने की जरूरत है, लेकिन लमनी समुदाय की छवि को धूमिल करने का अजगांवकर के पास कोई कारण नहीं बनता।
उपाध्यक्ष ने कहा, “मैं मंत्री से पहले ही कह चुका हूं और उनसे कहा था कि उनकी तरफ से गलती हुई है। वह विक्रेताओं के बारे में कहना चाहते थे, लेकिन उनके मुंह से लमनी निकल गया।”
अजगांवकर की टिप्पणी पर पूरे गोवा तथा यहां तक कि कर्नाटक में भी आलोचना हुई। राजनीतिज्ञों ने पर्यटन मंत्री की टिप्पणी की निंदा की।
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