नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने बुधवार को सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सभापति ने सदन में ‘पर्याप्त विधायी कार्य’ होने पर संतोष जाहिर किया।
अंसारी ने खासतौर पर अंतिम दो बेंचों के सदस्यों की प्रशंसा की, जिन्होंने शून्य काल के दौरान 205 में से 86 प्रश्न उठाए थे।
अंसारी ने कहा, “अंतिम दो बेंचों के सदस्यों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। उन्होंने शून्य काल के दौरान 205 में से 86 प्रश्न उठाए, जो कि करीब 42 प्रतिशत है।”
सभापति ने कहा, “उन्होंने करीब 260 पूरक प्रश्न पूछे, जो कुल पूरक प्रश्नों का करीब 48 प्रतिशत है।”
राज्यसभा की 29 बैठकें हुईं और उसमें 136 घंटे कामकाज हुआ।
ऊपरी सदन का सत्र 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था, और सत्र के दौरान संतोषजनक विधायी कार्य हुआ।
अंसारी ने कहा, “कुल मिलाकर सदन में 14 सरकारी विधेयक पारित हुए या लौटाए गए, जिन्हें लेकर स्वस्थ बहस हुई। इनमें से केंद्रीय बजट 2017-18, रेल मंत्रालय के कामकाज और जीएसटी विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई।”
अंसारी ने कहा, “सदस्यों द्वारा शून्य काल में उठाए गए 205 प्रश्नों और 76 विशेष उल्लेखों, 435 तारांकित प्रश्नों और 535 से भी अधिक पूरक प्रश्नों और 4,629 अतारांकित प्रश्नों से सार्वजनिक महत्व के मामलों को उठाने के प्रति उनका उत्साह नजर आता है।”
सत्र के दौरान निजी सदस्यों ने 33 विधेयक पेश किए। साथ ही चुनाव सुधारों और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लघु अवधि की चर्चाओं के रूप में सक्रिय बहस हुई।
अंसारी ने कहा, “हालांकि पश्चिम बंगाल के उपचुनाव में निर्वाचित एक नए सदस्य सदन में शामिल हुए, लेकिन हमने एक सम्मानित निर्वतमान सदस्य हाजी अब्दुल सलाम को खो दिया, जिनका 28 फरवरी को निधन हो गया था।”
सभापति ने कहा, “मैं इस मौके पर सदन के समग्र कार्य को संचालित करने में सहयोग के लिए सदन के नेता, विपक्ष के नेता, संसदीय कार्य मंत्रियों, विभिन्न दलों और समूहों के नेताओं और सदस्यों को धन्यवाद देता हूं। सदन की कार्यवाही अनिश्तिकाल के लिए स्थगित की जाती है।”
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