नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने शुक्रवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के आश्वासन बाद सभी तरह के आंदोलन वापस ले लिए। प्रसाद ने काउंसिल को भरोसा दिलाया कि विधि आयोग की सिफारिशों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिसमें वकीलों की हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने की भी सिफारिश की गई है।
बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “जैसी कि मुझे उम्मीद थी कानून मंत्री ने साफ कहा कि सरकार विधि आयोग की सिफारिश पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। सरकार के इस साफ भरोसे पर बीसीआई ने विधि आयोग की रिपोर्ट और विधेयक पर सभी तरह के आंदोलन कार्यक्रम वापस लेने का फैसला किया है।”
बीसीआई ने कहा कि देश भर में वकीलों ने भोजनावकाश के बाद शुक्रवार को न्यायिक कार्यो से खुद को अलग कर लिया और विधि आयोग की सिफारिशों और वकील कानून (संशोधन) विधेयक 2017 की प्रतियां जलाईं।
विधि आयोग ने सुझाव दिया था कि भविष्य में यदि वकील हड़ताल करते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाए।
बीसीआई ने विधि आयोग द्वारा प्रस्तावित वकील अधिनियम को ‘कठोर, वकील विरोधी, असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और जन विरोधी’ करार दिया है।
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