उप्र में पेयजल की समस्या न हो : योगी

मुख्यमंत्री ने सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त कराने के साथ ही प्रदेश में कहीं भी पेयजल की समस्या न होने की हिदायत दी। उन्होंने बुंदेलखंड में तालाबों के निर्माण व जीर्णोद्धार का कार्य युद्धस्तर पर करने तथा समग्र ग्राम विकास विभाग को ग्राम्य विकास विभाग के साथ विलय करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लक्षित 5.73 लाख परिवारों का पंजीकरण, फोटो अपलोडिंग, आवासों की स्वीकृति का कार्य शीघ्रता से किया जाए।

मनरेगा से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता लाए जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रियाशील श्रमिकों को आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से जोड़े जाने की कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 5.73 लाख लाभार्थियों के पास जॉब कार्ड हो, जिससे इनके 90 मानव दिवस की मजदूरी उपलब्ध करायी जा सके।

योगी ने कहा कि वर्ष 2017-18 के भौतिक लक्ष्य की पूर्ति करते हुए तालाब निर्माण व उनका जीर्णोद्धार, लघु सिंचाई के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए जल संरक्षण, जल संचयन के कार्य प्राथमिकता के स्तर पर कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि मजदूरी भुगतान में विलम्ब को कम करने के लिए मनरेगा कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गत वर्ष की अवशेष 118 सड़कों के निर्माण को 15 जून, तक पूरा करने के निर्देश दिए।

योगी ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हॉट मिक्स प्लाण्ट का उपयोग किया जाए। बुंदेलखंड की ही 250 से अधिक की बसावटों को पूरे प्रदेश में पीएमजीएसवाई से आच्छादित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में स्वावलंबन के लिए यह एक अच्छी योजना है, जिसमें कार्य योजना बनाकर ज्यादा से ज्यादा जनपदों के विकास खंडों की गरीब महिलाओं को जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम और विश्व बैंक सहायतित ‘नीर निर्मल परियोजना’ के साथ-साथ राज्य ग्रामीण पेयजल योजना की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में पाइप पेयजल योजनाओं को पूरा कराया जाए।

योगी ने कहा कि बुंदेलखंड में पेयजल समस्या के समाधान के लिए हैंडपंपों की स्थापना, रिबोरिंग एवं पाइप पेयजल की योजनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य भी पूरे कराए जाएं। उन्होंने कहा कि आर्सेनिक एवं फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों व जनपदों में जलशोधन संयंत्रों की स्थापना समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।

उप्र जल निगम की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्य संस्कृति में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। जल निगम की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और कार्यों का संपादन समयबद्ध ढंग से किया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य ग्रामीण पेयजल योजना के तहत प्रदेश के 31 जनपदों में 160 पाइप पेयजल योजनाएं पूरी कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। इंडिया मार्क-2 हैंडपंपों की स्थापना में मानकों का पालन हो। एमएलए तथा एमएलसी कोटे के अवशेष नए एवं रिबोर हैंडपंपों का कार्य विधायकों की संस्तुति पर पूरा कराया जाए।

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